आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत 9 पर आरोप तय
नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कुल 9 आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किया गया है जिसमें लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके छोटे बेटे और नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा तेजस्वी यादव, लालू के करीबी प्रेम चंद गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता, विनय कोचर, विजय कोचर, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल्स का नाम है। वहीं कोर्ट ने 7 आरोपियों को बरी भी कर दिया है।
लालू प्रसाद यादव के दामाद राहुल यादव, गौरव गुप्ता, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, नथ मल कानकारनिया, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को आरोप मुक्त किया गया है। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तारीख दी है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि जिस तरह से लारा प्रोजेक्ट्स को फायदा पहुंचाया गया उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है। इससे पहले राबड़ी देवी ने जज विशाल गोगने पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का आरोप लगाते हुए केस ट्रांसफर करने की अपील की थी।
IRCTC से जुड़ा यह केस यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल साल 2004 से 2009 के बीच का है उस वक्त लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के दो होटलों के रखरखाव का कांट्रैक्ट एक निजी फर्म को देने के लिए नियमों में अनियमितता बरती गई थी। रांची और पुरी के बीएनआर होटलों के रखरखाव का ठेका आईआरसीटीसी ने विजय कोचर और विनय कोचर नाम के दो उद्योपतियों की निजी फर्म सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। सीबीआई के मुताबिक इसके बदले में तेजस्वी और राबड़ी देवी की कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स को तीन एकत्र जमीन ट्रांसफर की गई। इस जमीन का बाजार मूल्य 94 करोड़ और सर्किल रेट 32 करोड़ था वहीं लारा प्रोजेक्ट्स को यह जमीन सिर्फ 65 लाख में दी गई।
