बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस, 4 महिला पहलवानों ने बरी किए जाने के फैसले को दी है चुनौती
नई दिल्ली भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। यह मामला महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है। चार महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप में मजिस्ट्रेट कोर्ट के द्वारा बृजभूषण और उनके सहयोगी सह-आरोपी विनोद कुमार को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। इसी मामले में बृजभूषण और विनोद दोनों को नोटिस जारी हुआ है। विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने केस की सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तारीख तय की है।
चार महिला पहलवानों की ओर से दायर की गई अपील में कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें यह कहा गया है कि निचली अदालत का फैसला तथ्यों के बजाए अटकलों और अनुमानों पर टिका था। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने बृजभूषण और कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी करते हुए अपने फैसले में कहा था कि आरोप राजनीति से प्रेरित थे। आरोप गहरी साजिश के तहत लगाए गए थे जो पहले से रटाए गए थे। अदालत ने अपने फैसले में उन दो महिला पहलवानों के बयान का हवाला दिया था जिन्होंने शुरू में आरोप लगाया था मगर बाद में वो मुकर गई थीं।
कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के एक गवाह का जिक्र करते हुए फैसले में यह भी लिखा कि रिकॉर्ड से यह बात सामने आई है कि महिला पहलवानों की तरफ से धरना शुरू करने से यौन उत्पीड़न का कोई आरोप नहीं लगाया गया था। यह मामला जनवरी 2023 में शुरू हुआ था और लगभग साढ़े तीन साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद इस पर 3 अगस्त 2026 को फैसला आया। बृजभूषण शरण सिंह को जुलाई 2023 से नियमित जमानत मिली हुई थी। इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि अगर मेरे खिलाफ कोई भी आरोप साबित हो जाएगा तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा।
