भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कैप्टन हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है। हरमनप्रीत की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और उसके कुछ ही दिन बाद अचानक इतना बड़ा डिसीजन लेकर हरमनप्रीत ने सबको चौंका दिया है। हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम के जरिए कप्तानी छोड़ने के बारे में जानकारी दी है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि वो क्रिकेट खेलती रहेंगी। हरमनप्रीत ने लिखा, अब, मेरे लिए आगे बढ़ने का समय आ गया है। कप्तानी आज भले ही खत्म हो जाए, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। कप्तानी खत्म हुई, सफर जारी है। उन्होंने उतार-चढ़ाव के दौरान साथ देने के लिए हर टीममेट, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार के सदस्यों और फैन का शुक्रिया अदा किया।
साझा किए कप्तानी से जुड़े खट्टे-मीठे अनुभव
हरमनप्रीत ने कप्तानी से जुड़े खट्टे-मीठे अनुभव और उसे छोड़ने के अपने फैसले के बारे में बताते हुए लिखा, कप्तानी छोड़ने का फैसला आसान नहीं है। इसमें बरसों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे। मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया है, अपना खून-पसीना, अपना समय और कई बार अपने खेल और निजी महत्वाकांक्षाओं का भी कुछ हिस्सा। ऐसे पल भी आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपनी तरक्की और अपनी चाहतों को एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले है। एक कप्तान के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे, और कभी-कभी जिनकी निजी कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन मेरा हर फैसला एक ही मकसद से लिया गया था, इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर भरोसा करने और अपना सर्वश्रेष्ठ रूप पाने का मौका देना।
टीम सही स्थिति में है
मैंने सब कुछ देखा है। मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटने का दर्द, आलोचना, शक और ऐसे दिन भी देखे हैं जब कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं लग रहा था। मैंने सबसे शानदार पल भी अनुभव किए हैं – जीत, जश्न, देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व और वे पल जिन्होंने हर त्याग को सार्थक बना दिया। आज मैं भावनाओं से भरे दिल के साथ, लेकिन मन में शांति के साथ कप्तानी छोड़ रही हूं क्योंकि मेरा सच में मानना है कि मेरी टीम सही स्थिति में है। एक ऐसी टीम जिसमें टैलेंट, चरित्र, विश्वास और एक ऐसा भविष्य है जिसे देखने और जिसका हिस्सा बनने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि मैंने अपना फर्ज निभाया है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने गर्व के साथ जिम्मेदारी निभाई, और भारतीय महिला क्रिकेट की कप्तानी करने के सौभाग्य के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।
