रूस और यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए भारत की दोनों पक्षों से चल रही बातचीत
नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत ने एक बार फिर कूटनीतिक बातचीत का समर्थन किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, इस मुद्दे पर भारत का हमेशा से यही मानना रहा है कि बातचीत और कूटनीति ही आगे का रास्ता है। मोदी कई बार कह चुके हैं, यह युद्ध का दौर नहीं है और युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं निकलता। आपको याद होगा कि बिश्केक में जब पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले थे, तो उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि अब समय आ गया है कि अंतहीन युद्ध की जगह युद्ध को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएं। शांति का समर्थन करते हुए भारत ने दोनों पक्षों रूस और यूक्रेन से बातचीत की है। रूस और यूक्रेन दोनों ने ही भारत के शांति प्रयासों को सराहा है।
जायसवाल ने कहा, भारत मदद करने की कोशिश कर रहा है। ब्लैक सी में जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा, अनाज और ऊर्जा के निर्यात से जुड़ी रूस और यूक्रेन की तत्काल चिंताओं को दूर करने और हमले न होने की संभावनाओं जैसे खास मुद्दों पर भारत की रूस और यूक्रेन दोनों से लगातार बातचीत चल रही है। पिछले दो दिनों में ब्लैक सी इलाके में जहाजों पर हुए हमलों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम ऐसे हमलों की निंदा करते हैं जो कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा पैदा करते हैं और हमारे समुद्री समुदाय की जान को जोखिम में डालते हैं। हम तनाव कम करने और क्षेत्र में जल्द शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति की अपनी अपील को फिर से दोहराते हैं।
ब्लैक सी में दो दिन में चार जहाजों पर हुए हैं हमले-
सबसे पहले, कमर्शियल जहाज MV Royad Mammadov को निशाना बनाया गया। उसके बाद टोगो के झंडे वाले Alfa Watan जहाज पर हमला हुआ। फिर MV ABLE पर अटैक हुआ जो पलाऊ के झंडे वाला जहाज है। लाइबेरिया के झंडे वाला तेल टैंकर Aframax Rio को भी निशाना बनाया गया।
