पीएम मोदी की तारीफ पर कश्मीरी मुस्लिम फहीम नजीर को जमकर पीटा गया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के नेता अड़े हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए दिल्ली में विपक्षी नेता रोज धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में गुरुवार को भी कांग्रेस के लोग प्रदर्शन कर रहे थे। उस दौरान जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम युवक फहीम नजीर ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ कर दी। इस पर कुछ लोगों ने उनकी जमकर पिटाई की। आरोप है कि फहीम को पीटने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता थे। फहीम नजीर की पिटाई का वीडियो सामने आया है। फहीम से मारपीट के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को करने वालों की निंदा कर रहे हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पिटने वाले फहीम नजीर ने कहा कि वो पीएम मोदी के फैन हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष जीतता है, तो ईवीएम में खराबी नहीं होती। कश्मीर युवक ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को गाली नहीं दी, लेकिन फिर भी उनको पीटा गया। फहीम ने कहा कि वो भारत को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। फहीम ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखी थी। जिसके बाद उनसे मारपीट की गई। खबर लिखे जाने तक कांग्रेस के किसी नेता ने फहीम की पिटाई की न तो निंदा की थी और न इसे गलत बताया था।
कांग्रेस समेत विपक्ष के नेता लगातार ये आरोप लगा रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर एसआईआर के जरिए करोड़ों लोगों का वोट का अधिकार छीन लिया। विपक्षी नेता ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि एसआईआर में मृत, डुप्लीकेट और अपने पते पर गैरमौजूद वोटरों का नाम ही काटा गया है। चुनाव आयोग ने ये भी कहा है कि अगर कोई पात्र वोटर है, तो वो फॉर्म-6 भरकर फिर से वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा सकता है। चुनाव आयोग ने सभी बीएलओ को निर्देश दिया है कि वे घर-घर जाकर पात्र वोटरों के नाम लिस्ट में जुड़वाने के लिए फॉर्म भरवाएं। वहीं, विपक्ष ये आरोप भी लगा रहा है कि एसआईआर के दौरान अवैध तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव किया गया। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया। एसआईआर के दौरान साथ में एक डिक्लेरेशन मांगा गया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी दी थी।
