नई दिल्ली। यूपीआई पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लागू किया जाना टल गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि चुनिंदा दुकानदारों को किए जाने वाले यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। इसकी तारीख का एलान बाद में होगा। एनपीसीआई ने पहले एमडीआर को 15 अक्टूबर से लागू करने का फैसला किया था।
एनपीसीआई ने अभी एमडीआर लागू करने की तारीख का एलान नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नवंबर के दूसरे हफ्ते में यूपीआई पेमेंट्स पर इसे लागू किया जा सकता है। एनपीसीआई ने पहले बताया था कि 2000 रुपए से ज्यादा के मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगेगा। वैसे एमडीआर सभी यूपीआई पेमेंट पर लागू नहीं होगा। छोटे दुकानदारों जैसे हर महीने एक लाख रुपए तक का कारोबार करने वालों को एमडीआर नहीं देना होगा। एनपीसीआई और वित्त मंत्रालय ने बताया है कि एमडीआर कारोबारियों पर लगेगा। उनके यहां से सामान खरीदने वालों को एमडीआर नहीं देना होगा।
हालांकि, ये चिंता जताई जा रही है कि दुकानदार एमडीआर का पैसा भी ग्राहक से वसूल सकते हैं। इस पर केंद्र सरकार ने सभी बैंकों से सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वे कदम उठाएं। ताकि एमडीआर का चार्ज ग्राहकों से न लिया जा सके। एनपीसीआई ने बताया था कि रिश्तेदार, परिवार के सदस्यों और दोस्तों के बीच अगर यूपीआई से लेन-देन होता है, तो कोई एमडीआर चार्ज नहीं लगेगा। यानी ऐसे ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे। वहीं, पेट्रोल-डीजल खरीदने, ट्रेन का रिजर्वेशन कराने और बीमा की किस्त यूपीआई से जमा करने पर फ्लैट 5 रुपए चार्ज लगेगा। वहीं, 75000 या उससे ऊपर के पेमेंट पर अधिकतम 300 रुपए एमडीआर लगाने का एनपीसीआई ने फैसला किया है।
