March 14, 2026

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Bulli bai मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी, हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी

नई दिल्ली। ‘बुल्ली बाई’ ….यह नाम पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया सहित मीडिया की दुनिया में काफी सुर्खियों में है। इसे लेकर बहस का सिलसिला शुरू हो चुका है। जांच एजेंसियां जांच में जुट चुकी है। मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा द्वारा अब तक इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जिसमें से एक 19 वर्षीय श्वेता और 22 वर्षीय विशाल कुमार झा का नाम शामिल है, जिन्हें कल यानी की बुधवार को ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन अब खबर है कि इस मामले में आरोपी मयंक रावत को भी गिरफ्तार किया गया है। मयंक रावत उत्तराखंड के पोढी गढ़वाला का रहने वाला बताया जा रहा है। खबरों की मानें तो इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि 19 वर्षीय श्वेता ही है।

श्वेता ही इस पूरे मामले में सरगना की किरदार निभा रही थी। सब कुछ उसी के रहमोकरम पर मकुम्मल किया जा रहा था। बता दें कि श्वेता और विशाल दोनों ही एक-दूसरे को पिछले काफी दिनों से जानते थे। दोनों ने इस एप को डेवलेप करने का प्लान बनाया था। इस एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को निशाने पर लेकर उनकी बोली लगाई जाती थी। अभी पुलिस की तफ्तीश का सिलसिला जारी है। माना जा रहा है कि इस मामले आगे चलकर कई परत खुल सकते हैं। जिसके बाद कई आरोपी पुलिस की जद में आ सकते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस कमिशनर हेमंत नारगाले आज प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकते हैं। ऐसे में सभी निगाहें टिकी हुई है कि वो किस सच से परदा उठाते हैं।

जानिए श्वेता के बारे में सब कुछ

वहीं, 19 वर्षीय श्वेता मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली बताई जा रही है। उसकी मां की मौत कैंसर की वजह से हो गई थी। इसके अलावा उसका छोटा भाई स्कूल में पढ़ता है। उसकी एक बड़ी बहन भी है। श्वेता अभी इंजीनियरिंग की तैयारी कर रही है। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उससे इस मामले में जुड़े कई पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी, ताकि असल हकीकत सामने आ सकें।

आखिर क्या है बुल्ली बाई एप

अब आपके जेहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर बुल्ली बाई एप क्या है। तो बुल्ली बाई एप एक ऐसा एप है, जिसके जरिए मुस्लिम महिलाओं की आपत्तिनजक तस्वीरों का उपयोग कर उनकी बोली लगाई जाती है। इसके लिए उन मुस्लिम महिलाओं को निशाने पर लिया गया है, जो सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहती है। इस एप की खास बात यह है कि इसे प्ले स्टोर से नहीं, बल्कि गुटहब से डाउनलोड किया जाता है। गुटहब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी शख्स एप को डेवलेप कर बेच सकता है। इससे पहले सुल्ली बाई एप भी काफी सुर्खियों में रहा था।

जिसके बाद से अब बुल्ली बाई एप को लेकर बहस छिड़ गई है। अब देखना होगा कि पुलिस इस पूरे मामले की जांच करते हुए आगे चलकर क्या कुछ सच उजागर करने का काम करती है, लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया सहित अन्य मंचों पर इस बात को लेकर चर्चा का बाजार गुलजार हो चुका है कि आखिर कैसे महज 19 साल की लड़की किसी ऐसे संयत्र का हिस्सा मात्र ही नहीं, बल्कि बतौर सरगना के रूप में महिलाओं को निशाने पर ले सकती है।

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