March 3, 2026

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ओमिक्रॉन के बाद अब कोरोना का एक और नया वैरिएंट Deltacron आया, ब्रिटेन में मिलने लगे मरीज

लंदन। दुनिया में कोरोना महामारी लगता है कभी खत्म नहीं होगी। एक के बाद एक इसके वैरिएंट आते ही जा रहे हैं। इसकी शुरुआत अल्फा वैरिएंट से हुई थी। फिर बीटा वैरिएंट आया। उसके बाद डेल्टा वैरिएंट ने दुनियाभर में लाखों लोगों की जान ली और करोड़ों को बीमार किया। डेल्टा खत्म होने से पहले कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट साउथ अफ्रीका से पूरी दुनिया में फैला। हालांकि, ये इतना खतरनाक नहीं निकला और ज्यादातर मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो गए। अब कोरोना का एक और वैरिएंट ब्रिटेन में सामने आया है। तमाम मरीजों की जांच के बाद इस वैरिएंट का पता चला है। पहले इस वैरिएंट के मामले सामने आने के बाद इसे लैब में जांच में हुई चूक माना गया, लेकिन अब साफ हो गया है कि ये नया वैरिएंट है।

ब्रिटेन के विशेषज्ञों के मुताबिक डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट से मिलकर ये वैरिएंट बना है। इसे डेल्टाक्रॉन नाम दिया गया है। ब्रिटेन में इस वैरिएंट के केस मिलने शुरू हुए हैं और विशेषज्ञों के मुताबिक ये बहुत संक्रामक भी हो सकता है, क्योंकि इस वैरिएंट में डेल्टा जैसे गुण भी हैं। इस बीच, भारत में तीसरी लहर लाने वाला ओमिक्रॉन सबसे ज्‍यादा फैलने वाला स्‍ट्रेन बन गया है। हालत ये है कि जिनोम सीक्‍वेंसिंग के लिए भेजे गए 95 फीसदी से ज्‍यादा सैंपल में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है। भारत में हालांकि कोरोना के मामले घट रहे हैं। अगर अगले 4 हफ्ते तक केस की संख्या इसी तरह स्थिर रहती है, तो माना जा सकता है कि यहां कोरोना ‘एंडेमिक’ स्‍टेज में पहुंच रहा है।

वहीं, वैज्ञानिकों ने अब चेतावनी दी है कि अगला कोविड वैरिएंट और खतरनाक साबित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO का कहना है कि अब और भी नए वैरिएंट आ सकते हैं जो ओमिक्रॉन से भी ज्यादा तेजी से फैल सकते हैं। जिनॉमिक्‍स पर बने कंसोर्शियम INSACOG के मुताबिक फरवरी के आखिरी हफ्ते के बाद लिए गए 95 फीसदी से ज्‍यादा सैंपल की जिनोम सीक्‍वेंसिंग में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है। एक्‍सपर्ट्स ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट जहां कई लहरों में फैला, वहीं ओमिक्रॉन एक साथ फैला।

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