March 10, 2026

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यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने का काम शुरू, हंगरी और रोमानिया के रास्ते मुफ्त में ला रही है मोदी सरकार

नई दिल्ली। यूक्रेन में फंसे हजारों भारतीय छात्रों के वापस लाने के लिए भारत ने रोमानिया और हंगरी में एयर इंडिया के चार्टर्ड विमान भेजने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने इससे पहले यूक्रेन में भारतीय छात्रों से कहा था कि वे किसी भी तरह वाहनों से दोनों देशों की सीमा पर पहुंचें। इसके बाद भारतीय छात्रों का एक जत्था रोमानिया की सीमा में दाखिल हुआ है और वहां से उन्हें फ्लाइट से वापस लाया जाएगा।

मोदी सरकार इस वापसी के लिए पूरा पैसा खर्च कर रही है। वायुसेना के ट्रांसपोर्ट विमान भी तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें भेजकर छात्रों को निकाला जाएगा। यूक्रेन ने बीते गुरुवार को वायुक्षेत्र बंद कर दिया था। इसकी वजह से रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट और हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है। एयर इंडिया ने बताया है कि वो दिल्ली और मुंबई से आज बी-787 विमानों के जरिए छात्रों को लाएगी।

इससे पहले यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को कहा था कि वो रोमानिया और हंगरी के पास यूक्रेनी सीमा पर कैंप लगा रहा है। दूतावास ने कहा था कि अफसरों की टीम को हंगरी के उझोरोद के पास चोप-जाहोनी, रोमानिया में चेर्नीवत्सी के पास पोरब्ने-सीरेत में तैनात किया गया है। छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों को इन जगहों पर पहुंचने के लिए कहा गया था। सभी को हिदायत दी गई थी कि जिस वाहन से वे पहुंचें, उसमें भारत का झंडा बड़े पैमाने पर लगाया जाए, ताकि ये दूर से दिखे। भारतीयों को हर वक्त अपना पासपोर्ट, नकदी, कोविड टीकाकरण का सर्टिफिकेट रखने की सलाह भी दी गई है।

बता दें कि यूक्रेन में भारत के करीब 20000 लोग हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र हैं। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई काफी सस्ती है। इस वजह से भारत के छात्र वहां जाते हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव और रोमानिया के बीच दूरी करीब 600 किलोमीटर है और सड़क से जाने पर करीब 11 घंटे लग जाते हैं। वहीं, हंगरी की सीमा करीब 820 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए 12 से 13 घंटे लगते हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक भारतीय नागरिकों के कई और दल भी यहां पहुंच रहे हैं। इन सभी को विमानों से वापस लाया जाएगा।

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