दम्माम। सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमले लगातार तेज हो रहे हैं। ताजा हमला सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दक्षिण-पूर्व में अरामको के पेट्रोलियम स्टेशन पर हुआ। इन हमलों में अब तक 3 लोगों की मौत और 10 के घायल होने की खबर है। सऊदी अरब पर हूती के ताजा हमलों के बाद अमेरिका ने अपना दूतावास बंद कर कुछ स्टाफ और उनके परिवार के लोगों को वापस बुलाया है।
दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला हुआ। यहां हमले में 1 की मौत हुई। अन्य घायल हुए। घायलों में से कई की हालत गंभीर है। मृतक सऊदी नागरिक था। हमले से दम्माम के एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा। जिसके बाद कई उड़ानों को दूसरे शहर के लिए डायवर्ट किया गया। खबर लिखे जाने तक सऊदी सरकार ने ये नहीं बताया था कि दम्माम और अरामको के तेल ठिकाने पर किसने हमले किए, लेकिन हूती पर ही शक है। दूसरी ओर, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि अरामको के तेल ठिकाने पर ड्रोन से हमले की कोशिश हुई। एयर डिफेंस ने ड्रोन को रोक लिया, लेकिन उसका मलबा गिरने से नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौत हुई। जबकि, भारतीय और पाकिस्तान के नागरिक घायल हुए।
यमन के हूती विद्रोहियों को कथित तौर पर ईरान से समर्थन और मिसाइल व ड्रोन मिलते हैं। हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर को सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल से हमला किया था। उस हमले में एक भारतीय समेत 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा घायल हुए थे। इस साल अब तक हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर सैकड़ों हमले किए हैं। हूती ने दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको की कई रिफाइनरियों को भी निशाना बनाया। वहीं, सऊदी अरब में पूर्व से पश्चिम तक कच्चा तेल ले जाने वाली पाइपलाइन को भी हूती के हमले से नुकसान के बाद बंद करना पड़ा। ईरान और अमेरिका के बीच 39 दिन चले युद्ध के दौरान भी सऊदी अरब ने कच्चे तेल की सप्लाई को बंद किया था।
