एक हफ्ते में दूसरी बार शहबाज शरीफ बोले- आतंकवाद मिटाने पर भारत से बात करना चाहते हैं
लाचिन (अजरबैजान)। भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान की चूलें हिली हुई हैं। पाकिस्तान थर-थर कांपता दिख रहा है! हालत ये है कि जो पाकिस्तान हमेशा इनकार करता रहा है कि भारत में आतंकवादी हमलों में उसका कोई हाथ नहीं, अब वो आतंकवाद को मिटाने पर भारत से बात करना चाहता है। अजरबैजान के लाचिन में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने ये बात कही है। एक हफ्ते में दूसरी बार ऐसा है जब शहबाज शरीफ ने आतंकवाद मिटाने के लिए भारत से बातचीत का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले ईरान में राष्ट्रपति पेजेश्कियन से मुलाकात के बाद भी पाकिस्तान के पीएम ने यही बात कही थी।
लाचिन में अजरबैजान, तुर्किए और पाकिस्तान के त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया से शहबाज शरीफ ने कहा कि वो पूरी गंभीरता से कह रहे हैं कि अगर भारत आतंकवाद से निपटने के लिए ईमानदारी से बात करना चाहता है, तो पाकिस्तान भी इस मसले पर भारत से बात करने के लिए तैयार है। शहबाज शरीफ ने कहा कि शांति के लिए हमें बैठकर बात करनी चाहिए। ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देकर बातचीत से सुलझाना जरूरी है। उन्होंने भारत से फिर व्यापार शुरू करने की इच्छा भी जताई। हालांकि, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का राग गाया। उन्होंने कश्मीर के मुद्दे को अहम बताया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुताबिक और कश्मीर के लोगों की इच्छा के तहत इसका हल किया जाना चाहिए।
पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर चलाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी साफ कह चुके हैं कि पड़ोसी मुल्क से सिर्फ तीन मसलों पर बातचीत होगी। पहला कि पीओके पर अवैध कब्जा पाकिस्तान कब छोड़ेगा। दूसरा आतंकवाद और तीसरा ये कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकता। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी साफ कहा था कि जब तक पाकिस्तान पूरी तरह आतंकवाद को बंद नहीं करता, सिंधु जल समझौता स्थगित ही रहेगा। वहीं, पाकिस्तान लगातार कह रहा है कि सिंधु जल समझौता स्थगित रखना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। बिलावल भुट्टो जरदारी ने तो ये तक कहा था कि अगर पानी रोका, तो भारत में खून बहेगा। वहीं, पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने कहा था कि अगर पानी रोका, तो भारत की सांस बंद कर देंगे। यही बात पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद ने भी कही थी।
