UP Board: योगी सरकार का यूपी बोर्ड को लेकर बड़ा फैसला, 10वीं में नया पैटर्न होगा लागू
नई दिल्ली। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के अधिकारियों से “हेल्दी कॉम्पिटिशन” के लिए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क की तर्ज पर शिक्षा संस्थानों के लिए एक राज्य स्तरीय रैंकिंग ढांचे की शुरूआत करने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वो खिलाड़ियों के सहयोग से राज्य की नई खेल नीति तैयार करें। सीएम ने कहा, “एनआईआरएफ की तर्ज पर एसआईआरएफ की शुरूआत की जानी चाहिए। ये योजना संस्थानों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा साथ ही सुधार के लिए प्रयासों में सभी की मदद करेगा। इससे छात्रों को प्रवेश पाने में तो मदद मिलेगी ही, संस्थानों के चयन में प्लेसमेंट एजेंसियों की भी मदद होगी।” 2015 में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (केंद्रीय मानव संसाधन विकास) ने देश भर में शिक्षा संस्थानों को रैंक करने के लिए एक रूपरेखा के रूप में एनआईआरएफ (NIRF) को लॉन्च किया था। योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मंत्रियों के सामने शिक्षा के लिए एक कार्य योजना भी प्रस्तुत की और उन्हें निर्देश देते हुए कहा कि, ‘जल्द से जल्द राज्य के लिए नई खेल नीति तैयार की जाए और इसके लिए खेल पेशेवरों की सहायता ली जाए।’
उन्होंने आगे कहा कि ‘शिक्षा क्षेत्र काफी लंबे समय तक “शिक्षा माफियाओं” की चपेट में रहा, लेकिन उनकी सरकार ने “चीटिंग फ्री” परीक्षाएं सुनिश्चित कीं। उन्होंने बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए “कुशल युवाओं” को तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक, इंटरनेट, साइबर सुरक्षा और डेटा विज्ञान जैसे नए विषयों को इस पाठ्यक्रम में भी जोड़ा जाना चाहिए। सीएम आदित्यनाथ ने अधिकारियों से उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के काम में तेजी लाने और एक “प्रतिष्ठित खिलाड़ी” को वहां का कुलपति नियुक्त करने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक संस्थान में करियर परामर्श प्रकोष्ठ स्थापित करने, सरकारी स्कूल के शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा और अगले छह महीनों में सीधे नकद हस्तांतरण के रूप में छात्रों को यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सामान के लिए पैसा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इतना ही नहीं, सीएम ने एक अंतरराष्ट्रीय फार्मेसी, एक बायो-इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान और शहरी प्रबंधन के एक स्कूल की स्थापना के लिए भी एक योजना तैयार करने के आदेश दिए। योगी आदित्यनाथ ने 2025 तक राज्य बोर्ड के तहत कक्षा 12वीं की परीक्षा के लिए और 2023 तक कक्षा 10वीं के लिए एक नया पैटर्न तैयार करने पर भी विचार किया। इसके अलावा सीएम कुशल पेशेवरों के तहत कक्षा 9 और कक्षा 11 के छात्रों के लिए इंटर्नशिप की शुरूआत करने के भी पक्षधर रहे।
