‘ये इस्लाम में जुर्म है, अल्लाह से डरो…’ हैदराबाद मामले पर ओवैसी ने तोड़ी चुप्पी, कही दी ऐसी बात
नई दिल्ली। हाल ही में हैदराबाद में नागराजू की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना पर टीवी से लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। हालांकि कई जगहों पर हुई मुस्लिम समुदायों की मॉब लिंचिंग पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया या वीडियो संदेशों के जरिए लगातार बयान दे रहे हैं लेकिन अपने ही अपने शहर में हुई इस लिंचिंग को लेकर उनकी खामोशी बनी हुई थी। ओवैसी की मामले पर चुप्पी पर विपक्ष सवाल भी उठ रहे थे। वहीं अब लंबी चुप्पी को तोड़ते हुए AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मामले पर प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने घटना की तो निंदा की लेकिन इसमें भी वो हिंदू और मुस्लिम धर्मों के बीच लकीर खींचते नजर आए।
इस्लाम के खिलाफ बताई घटना
असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद में घटी इस घटना को इस्लाम के खिलाफ बताया और कहा, ‘हिंदू मैरिज एक्ट में आपको हिंदू होना जरूरी है, तभी आपकी शादी लीगल होती है। मुसलमानों में दो मुस्लिम मर्द और औरत में ही निकाह हो सकता है। ये शरीयत कानून है। हिंदू मैरिज एक्ट में दो हिंदुओं के दरम्यान शादी होती है। स्पेशल मैरिज एक्ट का भी प्रावधान इसमें है। यहां पर (हैदराबाद में) इस लड़की ने अपने पसंद से शादी की, कानूनन इसकी इजाजत है। उनके भाई को इसका कोई हक नहीं है कि वो जाकर उस लड़की के शौहर का कत्ल करे। कानूनन जुर्म है। इस्लाम में बदतरीन जुर्म कत्ल है।’
बताते चलें कि हैदराबाद में 23 साल की सैयद सुल्ताना की ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर हिंदू युवक नागराजू से शादी रचाई थी। दोनों की शादी दो महीने पहले ही हुई थी। इस शादी से लड़की का परिवार नाराज था। यही कारण है कि 4 मई को चाकू गोदकर नागराजू को मौत के घाट उतार दिया गया। आरोप है कि लड़की के घरवालों ने युवक की हत्या करवाई है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया जो कि लड़की के परिवार के हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
