हैदराबाद

तेलंगाना में भाजपा के बढ़ते जनाधार से बौखलाए हैं KCR, 6 महीने में तीसरी बार पीएम के स्वागत के लिए नहीं पहुंचे एयरपोर्ट

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नई दिल्ली। दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शिरकत करने तेलंगाना पहुंचने पर राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पीएम मोदी की अगवानी एयरपोर्ट नहीं पहुंचेंगे। आमतौर पर प्रोटोकॉल के मुताबिक, जब भी प्रधानमंत्री किसी राज्य में पहुंचते हैं, तो उस राज्य के मुख्यमंत्री को पीएम की आवभगत करने एयरपोर्ट पहुंचना होता है, लेकिन के चंद्रशेखर राव ने सीधे तौर पर इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। हालांकि, यह कोई पहली मर्तबा नहीं है कि जब उन्होंने इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया हो, बल्कि इससे पहले भी वे तीन मर्तबा प्रधानमंत्री की अगवानी करने एयरपोर्ट नहीं पहुंचकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर चुके हैं। इसकी वजह टीआरएस और बीजेपी के बीच बढ़ती दूरी को माना जा रहा है, लेकिन यहां गौर करने वाली बात है कि बेशक प्रधानमंत्री को सीएम चंद्रशेखर राव  रिसीव करने एयरपोर्ट न पहुंच रहे हों, लेकिन  राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुंच रहे हैं। बता दें कि टीआरएस ने आगामी दो सप्ताह बाद होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा को समर्थन करने का ऐलान किया है। इस बीच पीएम मोदी की अगवानी करने के लिए तेलंगाना सरकार की तरफ से एक ही मंत्री मौजूद रहेगा।

ऐसी स्थिति में टीआरएस और बीजेपी के बीच बढ़ती सियासी दूरी को विभिन्न चशमों से देखे जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। सियासी धुरधंरों की मानें तो प्रधानमंत्री मोदी की टीआरएस से बढ़ती तल्खी की मात्र वजह प्रधानमंत्री मोदी की तेलंगाना की राजनीति में बढ़ती नजदीकियां हैं। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने जिस तरह से दक्षिण की राजनीति में हस्तक्षेप किया है, यह उसी का नतीजा है कि चंद्रशेखर राव की बीजेपी नेताओं के साथ रिश्तों में खटास आई। आपको बता दें कि तेलंगाना में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी के कई नेता शिरकत करने के लिए पहुंच चुके हैं। उधर, सीएम चंद्रशेखर राव ने इस बैठक को सर्कस करार दिया है। सियासी पंडितों की मानें तो इस बैठक के बहाने बीजेपी प्रदेश में अपनी सियासी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उधर, के चंद्रशेखर राव के इस रवैये पर बीजेपी नेताओं ने अपना रोष जाहिर करते हुए राव की तुलना महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से कर दी है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि आगामी दिनों में के चंद्रशेखर राव का हश्र भी उद्धव ठाकरे के जैसा ही होगा, जिस तरह से के चंद्रशेखर राव केंद्र सरकार की उत्तरोत्तर उपेक्षा कर रही है, उसकी उन्हें आगामी दिनों में भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

तो इसलिए बौखला गई टीआरएस

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हालांकि, कई मौकों पर बीजेपी को आड़े हाथों लेने वाली टीआरएस के बौखलाने की वजह ये भी है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का जनाधार बढ़ता जा रहा है। सियासी धरधंरों की मानें तो प्रदेश में टीआरएस का सांगठानिक ढांचा भी कमजोर हो रहा है। लेकिन, शायद आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कभी ऐसा भी वक्त था, जब टीआरएस और बीजेपी के बीच मधुर संबंध हुआ करते थे। यहां तक  कि विगत राष्ट्रपति चुनाव में टीआरएस ने राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का भी समर्थन किया था, लेकिन अब इन दोनों ही दलों के बीच रिश्तों में खटास देखने को मिल रही है। अब ऐसे में दोनों के बीच के सियासी ताल्लुकात आगामी दिनों में क्या रुख अख्तियार करते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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