April 17, 2026

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भगोड़े विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अवमानना मामले में सुनाई 4 साल की सजा

नई दिल्ली। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या  को सुप्रीम कोर्ट  की तरफ से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने अवमानना मामले में माल्या को सोमवार को सजा सुना दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब माल्या को चार महीने की जेल और 2000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा कोर्ट ने माल्या से ब्याज के साथ 4 करोड़ (40 मिलियन) डॉलर की रकम चार हफ्ते के अंदर जमा करने का आदेश भी दिया है। जस्टिस यूयू ललित, रवींद्र एस भट और पीएस नरसिम्हा की बेंच ने मामले की सुनवाई की। बता दें कि बीते 10 मार्च को इस मामले पर कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये कहा था कि माल्या के खिलाफ जारी सुनवाई में अब तक कोई प्रगति नहीं हो सकती।

कोर्ट ने की थी माल्या की पुनर्विचार याचिका खारिज

कोर्ट की तरफ से साल 2017 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए माल्या द्वारा दायर की गई पुनरीक्षण याचिका 2020 में खारिज कर दी गई थी। 10 मार्च को माल्या के वकील ने कहा था कि ब्रिटेन में रह रहे उनके मुवक्किल से कोई निर्देश नहीं मिल सका है इसलिए वो पंगु हैं और अवमानना के मामले में दी जाने वाली सजा के समय को लेकर उनका (माल्या का) पक्ष रख पाने में असहाय हैं।

2017 में दर्ज हुआ था अवमानना का मामला

सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2017 को विजय माल्या को कोर्ट के आदेश की अवमानना का दोषी पाया था। भगोड़े कारोबारी विजय माल्या पर साल 2017 में कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए अपने बच्चों को चार करोड़ डॉलर ट्रांसफर करने का आरोप लगा है। कोर्ट ने स्टेट बैंक आफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए फंड ट्रांसफर पर विराम लगा दिया था। माल्या के अवमानना के मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने 10 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने पीठ की सहायता करते हुए कहा था कि माल्या को दो मामलों में आरोपी ठहराया गया था।

9,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले में शामिल होने का आरोप

  • माल्या ने बच्चों के खाते में ट्रांसफर किए थे डियाजियो डील से मिले 4 करोड़ डॉलर।
  • संपत्ति का खुलासा नहीं करने के माल्या दोषी पाए गए थे।
  • माल्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा पारित संयम के अभिव्यंजक आदेशों का उल्लंघन किया था

बीते साल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि माल्या को ब्रिटेन से भारत में प्रत्यर्पित करने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं किया जा सकता।

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