भीषण गर्मी से यूरोप के लोग बेहाल, लू लगने से अब तक 1900 ने गंवाई जान, सिग्नल-रेल ट्रैक पिघले
लंदन। 2019 के बाद यूरोप पहली बार इतना तपा है। ब्रिटेन समेत ज्यादातर देशों में लू चल रही है। तापमान दिन चढ़ने के साथ ही 40 डिग्री से 45 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचता है। लोग बेहाल हैं। लू लगने से अब तक 1900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालात कितने गंभीर हैं, ये इसी से पता चलता है कि गर्मी के कारण सिग्नल में आग लगी और वो पिघल गया। कई जगह गर्मी के कारण ट्रेनों की पटरियां भी मुड़ गई हैं। इससे ट्रेनों की आवाजाही पर जबरदस्त असर पड़ा है। इससे पहले साल 2019 में यूरोप और ब्रिटेन में अधिकतम तापमान 39 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया था।
स्पेन और ब्रिटेन समेत कई देशों में गर्मी की वजह से जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी हो रही हैं। रिहायशी इलाकों के पास झाड़ियों में भी यदा कदा आग लग जा रही है। स्पेन में एक पूरे इलाके को जंगल की आग की वजह से लोगों से खाली कराना पड़ा है। ब्रिटिश परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने बताया कि उनके देश का रेल नेटवर्क इस तरह की गर्मी का सामना करने के लिए नहीं बना है। उन्होंने कहा कि रेलवे का नेटवर्क अपग्रेड करने में कई साल लगेंगे। गर्मी से ट्रेन की पटरियां पिघलने से हादसों की आशंका भी उन्होंने जताई और लोगों को ट्रेन से सफर न करने के लिए कहा।
ब्रिटेन के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर कहा है कि अगले एक-दो दिन में तापमान 41 डिग्री को छू सकता है। साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। ब्रिटेन ही नहीं, स्पेन, ग्रीस, पुर्तगाल और फ्रांस में भी लोग परेशान हैं। स्पेन में अब तक लू लगने से 510 लोगों की जान जा चुकी है। पेरिस में लोग गर्मी से बचने के लिए आइस बार जा रहे हैं। यहां 20 डिग्री तापमान रहता है। आइस बार में 25 मिनट रहने के लिए भारतीय करेंसी के मुताबिक करीब 2000 रुपए देने होते हैं। ऐसे में लोगों की जेब भी गर्मी की मार से खाली हो रही है।
