राजपथ का नाम कर्तव्य पथ करने पर कांग्रेस में ही नेताओं के बीच टकराव
नई दिल्ली। राजपथ का नाम बदलकर मोदी सरकार के तहत आने वाली नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल NDMC अब कर्तव्य पथ करने जा रही है। इस फैसले की लोगों ने सराहना की है, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। कांग्रेस ने राजपथ के नए नाम के मसले पर पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज भी कसा था। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस में ही विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने राजपथ का नाम कर्तव्य पथ किए जाने के फैसले को सही बताया है। देवड़ा ने ट्वीट में लिखा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर (संसद) की ओर जाने वाले रास्ते का नाम कर्तव्य पथ किया जाना एकदम सही है। इससे लोकसेवकों को हमेशा याद रहेगा कि जनता की सेवा करने के लिए वे धर्म और कर्म से जुटे रहें।
इससे पहले कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने राजपथ का नाम कर्तव्य पथ किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए मोदी पर तंज कसा था। पवन खेड़ा ने ट्वीट किया था कि राजपथ का नाम बदलना ही था, तो ‘राजधर्म’ पथ कर देते। अटल जी की आत्मा को अवश्य शांति मिलती। बता दें कि साल 2002 में जब गुजरात में भीषण दंगे हुए थे, तब तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी गुजरात गए थे। वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि मैं चाहूंगा कि सीएम (मोदी) राजधर्म के पथ पर चलें। उसी बयान को आधार बनाकर कांग्रेस की ओर से ये टिप्पणी की गई।
बात मिलिंद देवड़ा की करें, तो वो एक दौर में राहुल गांधी की टीम का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। मिलिंद को गांधी परिवार का करीबी माना जाता रहा है। बहरहाल, मोदी सरकार के कई फैसलों के साथ मिलिंद खड़े रहे हैं। इनमें तीन तलाक और जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करना शामिल है। इसी वजह से आजकल मिलिंद की पूछ कांग्रेस में कम हो गई है।
