ईरान में टॉप लीडरशिप में जबर्दस्त मनमुटाव, क्या विदेश मंत्री अब्बास अराघची की जाएगी कुर्सी?
नई दिल्ली। युद्धग्रस्त ईरान अब एक नए संकट का सामना कर रहा है। ईरानी शासन के टॉप लीडरशिप में जबर्दस्त मनमुटाव की बात सामने आई है। ब्रिटेन स्थित मीडिया आउटलेट ईरान इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ विदेश मंत्री अराघची को पद से हटाए जाने की तैयार कर रहे हैं। आरोप है कि अब्बास अराघची सरकार की नीतियों को नजरअंदाज कर IRGC चीफ अहमद वाहिदी के निर्देश पर काम कर रहे हैं।
ईरान इंटरनेशनल के अनुसार राष्ट्रपति पेजेश्कियान का ऐसा मानना है कि संवेदनशील कूटनीतिक दांव-पेचों के दौरान विदेश मंत्री का झुकाव सैन्य कमान की ओर होने से स्थिति कमजोर हुई है। आरोप यह भी है कि अराघची ने अमेरिका के साथ होने वाली कूटनीतिक बातचीत और अहम फैसलों में राष्ट्रपति पेजेश्कियान को नजरअंदाज किया। ऐसे में अमेरिका के साथ संघर्ष विराम को स्थाई करने के प्रयासों में अराघची की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अपने करीबियों सहयोगियों से कहा है कि अगर विदेश मंत्री अराघची आगे भी सरकार की नीतियों को नजरअंदाज करते रहे तो उनको पद से हटाया जाए।
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांतिवार्ता को लेकर सहमति बन नहीं पा रही है और इसको लेकर अभी भी स्थिति अस्पष्ट है। इससे पहले अमेरिका ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि ईरान ने पहले दौर की शांतिवार्ता के लिए जो प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेजा था उसके पास निर्णय लेने का अधिकार ही नहीं था। अमेरिका ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पास समझौते को फाइनल करने का अधिकार होना चाहिए।
