मुस्लिम और यादवों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने का अखिलेश ने लगाया था आरोप, तो चुनाव आयोग ने उठाया ये बड़ा कदम
नई दिल्ली। अमूमन चुनावी बेला के दौरान सियासी ताप अपने चरम पर पहुंच जाता है। सियासी गलियारों में धुर- विरोधी एक-दूसरे को निशाने पर लेने में मशगूल हो जाते हैं। कोई किसी पर आरोप लगाने पर उतारू हो जाता है, तो कोई किसी को सवालिया कठघरे में खड़े करने पर ही आमादा हो जाता है। ऐसा ही आरोप बीते उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ना जाने किस बिनाह पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगा दिया था, जिसके बाद अब अखिलेश यादव के खिलाफ कड़ा कदम उठाया गया है। आइए, आगे आपको पूरा माजरा विस्तार से बताते हैं।
दरअसल, बीते उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया था कि आयोग ने बीजेपी के इशारे पर यूपी के हर विधानसभा सीट से 20 हजार मुस्लिमों और यादव मतदाताओं के नाम मत लिस्ट से काटने का आरोप लगाया था। बता दें कि अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए इस आरोप ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था।
उन दिनों अखिलेश से यह जानने की भी कोशिश की गई थी कि उन्होंने किस आधार पर ऐसा संजीदा आरोप आखिर संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग पर लगा दिया, लेकिन अखिलेश किसी भी प्रकार का आधार बयां करने की स्थिति में नजर नहीं आए, जिसके बाद चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार किया है। आइए, आगे जानते हैं कि आखिर अखिलेश यादव के खिलाफ उपरोक्त मामले में क्या कुछ कार्रवाई की गई है।
चुनाव आयोग ने क्या कार्रवाई की है ?
बता दें कि अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए चुनावन आयोग ने सपा प्रमुख को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में सपा प्रमुख से यही सवाल पूछा गया है कि आखिर किस आधार पर उन्होंने इतना गंभीर आरोप चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लगाया है। बहरहाल, अब इस नोटिस के जारी किए जाने के बाद अखिलेश यादव का अगला कदम क्या रहता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। हालांकि, अभी तक अखिलेश यादव का उपरोक्त प्रकरण पर किसी भी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बहरहाल, अब आगामी दिनों में यह पूरा माजरा क्या रुख अख्तियार करता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
