राम मंदिर जमीन विवाद पर बड़ा खुलासा, सपा की खुली पोल, सामने आया सुल्तान अंसारी से कनेक्शन!
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसको लेकर लगातार राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र की तरफ से अपडेट भी जारी किया जाता है। राममंदिर निर्माण के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी मात्रा में चंदे की रकम राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खजाने में पहुंच रहा है। लेकिन इन सबके बीच अब राम मंदिर के लिए गठित कमेटी और उसके अध्यक्ष चंपत राय पर इल्जाम लगाया गया है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए लोगों की जो जमीन खरीदी गई है उसमें बड़ी मात्रा में रकम की हेराफेरी की गई है। यह आरोप विपक्ष के कई दलों की तरफ से लगाया गया है। बता दें कि राम मंदिर की जमीन खरीदने को लेकर आरोप लगा है कि, जिस जमीन की कीमत 2 करोड़ थी, 18 करोड़ में खरीदा गया है।
एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। वहीं अब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन घोटाले को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा दैनिक भास्कर ने किया है।अखबार के मुताबिक, जिस 100 बिस्वा जमीन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है, उसे साल 2011 में समाजवादी पार्टी के नेता सुल्तान अंसारी ने 2 करोड़ रुपए में खरीदा था। इतना ही नहीं सुल्तान ने ही इसे राम मंदिर ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपए में बेचा है। अब इस खुलासे के बाद समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती है।
इतना ही नहीं जांच पड़ताल में ये भी मालूम चला है कि ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से सुल्तान के काफी करीबी रिश्ते हैं। बता दें कि समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
इसके अलावा आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी मीडिया को संबोधित करते हुए इस मुद्दे को उठाया । उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर 2 करोड़ की जमीन को 18.5 करोड़ रुपए में खरीदने का आरोप लगाया।
