May 30, 2026

Hind foucs news

hindi new update

फिर विरोध-प्रदर्शन की राह पर ममता बनर्जी, धरना देने के लिए कोलकाता पुलिस से मांगी मंजूरी; बीजेपी बोली- टाटा को पश्चिम बंगाल में वापस लाएंगे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी एक बार फिर धरना-प्रदर्शन के अपने पुराने हथियार के साथ मैदान में उतरने वाली हैं। ममता बनर्जी 2 जून को कोलकाता के रानी राशमनि रोड पर धरना देना चाहती हैं। जिसके लिए उन्होंने कोलकाता पुलिस से मंजूरी मांगी है। वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने एलान किया है कि वो टाटा ग्रुप को पश्चिम बंगाल में वापस लाएगी। बता दें कि ममता बनर्जी ने सिंगुर में टाटा की नैनो फैक्ट्री के खिलाफ आंदोलन किया था। जिसकी वजह से टाटा को सिंगुर प्रोजेक्ट बंद करना पड़ा था।

पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने से पहले ममता बनर्जी की छवि मूल रूप से आंदोलनकारी की थी। वो वाम सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के लिए पहचानी जाती थीं। ममता बनर्जी ने बीते दिनों पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भी एसआईआर के विरोध में पांच दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वो ज्यादा सामने नहीं आईं। चुनाव नतीजों के बाद वो एक दिन कलकत्ता हाईकोर्ट गई थीं। जहां उनको चोर-चोर के नारे सुनने पड़े थे। ममता बनर्जी का इरादा चुनाव में बुरी तरह पराजित हो चुकी टीएमसी में फिर से जान फूंकने की है। हालांकि, वक्त बताएगा कि वो इसमें सफल होती हैं या नहीं।

दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी में ही टकराव हो रहा है। टीएमसी के तमाम नेता ममता बनर्जी और उनके सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी पर लोगों की भावना न समझने का आरोप लगा रहे हैं। ममता की कभी बहुत करीबी रहीं बारासात की एमपी काकोली घोष दस्तिदार खुद को लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटाए जाने के कारण नाराज हैं। इसके अलावा टीएमसी के 100 से ज्यादा पार्षदों ने पार्टी से किनारा कर लिया है। टीएमसी के कई नेता पुलिस के हत्थे भी चढ़े हैं। बीजेपी ने साफ कहा है कि ममता बनर्जी की सरकार के दौरान जितनी भी गड़बड़ियां हुई हैं, उनको वो जनता के सामने लाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed