भारत-चीन संघर्ष पर अमेरिका की अजब-गजब प्रतिक्रिया, बोला- हमें जानकर राहत मिली कि…
वॉशिंगटन। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष के मामले में अमेरिका ने अजब-गजब प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने कहा है कि उसे ये जानकर राहत मिली है कि दोनों पक्ष जल्दी ही अलग हो गए। अमेरिका ने इसके साथ ही भारत और चीन से अपने मुद्दे बातचीत से सुलझाने की नसीहत भी दे डाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस की प्रवक्ता केरेन ज्यां पियरे ने मंगलवार को मीडिया के सवालों पर ये बात कही। केरेन ने कहा कि अमेरिका की सरकार हालात की बारीकी से निगरानी कर रही है। हम विवादित सीमा के मसलों को सुलझाने के लिए भारत और चीन को चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
बता दें कि अमेरिका ने चीन की विस्तारवादी नीति से लड़ने और दक्षिणी चीन सागर में उसके एकतरफा प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए भारत को रणनीतिक साझेदार बनाया हुआ है। भारत के साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया को मिलाकर अमेरिका ने क्वॉड नाम का संगठन भी बनाया हुआ है। बावजूद इसके भारतीय पोस्ट पर चीन के हमले के मामले में उसकी कड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई है। जबकि, ताइवान के मसले पर अमेरिका कड़ी प्रतिक्रिया भी चीन को देता है और उसके राष्ट्रपति जो बाइडेन भी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलकर ताइवान के मसले पर दूर रहने के लिए कह चुके हैं।
जानकारों के मुताबिक अमेरिका का ये रुख साफ करता है कि चीन से निपटने के लिए भारत को उसके भरोसे नहीं रहना है। भारत को अपने दम-खम पर ही चीन से निपटना होगा। अमेरिका से भले ही भारत को आधुनिक हथियार मिल रहे हैं, लेकिन अगर चीन से जंग हुई, तो सीधे तौर पर अमेरिका उसमें शायद न उलझे। ऐसे में भारत सरकार को चीन के खिलाफ किसी भी जंग की सूरत में उससे सीधी मदद की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
