Boycott Pathaan: जानिए क्यों ? शाहरुख खान की पठान फिल्म का हाल भी आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा जैसा होता दिख रहा है।
नई दिल्ली। पठान का बॉयकॉट लगातार जारी है। जब से पठान फिल्म का गाना आया है तब से लगातार ट्विटर पर पठान बॉयकॉट ट्रेंड कर रहा है। शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के प्रशंसक लगातार इस कोशिश में हैं, कि कैसे भी करके, वो इस ट्रेंड से विपरीत जाकर पठान के सपोर्ट में ट्रेंड चला पाएं। लेकिन इस समय सिर्फ बॉयकॉट पठान ही ट्रेंड कर रहा है। आज से 4 महीने पहले जब लाल सिंह चड्ढा रिलीज़ हुई थी तब भी पठान फिल्म को बॉयकॉट करने का ट्रेंड चला था लेकिन वो किसी कारण से, रुक गया था और लोगों ने पठान का बॉयकॉट करना बंद कर दिया था। लेकिन जब से पठान फिल्म से बेशरम रंग गाने को रिलीज़ किया गया है तब से इस ट्रेंड को एक बार फिर हवा लग गई है और बॉयकॉट पठान ट्रेंड करने लगा है। हमने पिछले कुछ महीनों में देखा है कि इस बॉयकॉट ने ट्रेंड ने कितनों के हाल बेहाल किए हैं। मिस्टर पर्फेक्टनिष्ट कहे जाने वाले आमिर खान भी इससे अछूते नहीं रहे और उनकी फिल्म लाल सिंह चड्ढा बुरी तरह से बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। ऐसे में सवाल बनता है कि क्या लाल सिंह चड्ढा की तरह शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म पठान भी बॉक्स ऑफिस पर बॉयकॉट की बलि चढ़ जाएगी ? विस्तार में बताते हैं।
जब आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ होने वाली थी उस फिल्म का भी जमकर विरोध हुआ था। आमिर खान के पुराने वीडियो और उनकी फिल्मों के कंटेंट के हिसाब से लोगों ने उनका बहिष्कार करना शुरू कर दिया था। लाल सिंह चड्ढा फिल्म का इतना बहिष्कार हुआ कि आमिर खान को खुद दर्शकों के सामने आकर कहना पड़ा कि, उनकी फिल्म का बहिष्कार न किया जाए और दर्शक उनकी फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर जाएं। दर्शक उनकी फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर तो नहीं गए बल्कि और जोर से बॉयकॉट लाल सिंह चड्ढा शुरू हो गया। जब फिल्म रिलीज़ हुई तो सिनेमाघर के बाहर तक जाकर लोगों ने बॉयकॉट लाल सिंह चड्ढा की अपील करी। नतीजा ये निकला, कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप ही नहीं, डिजास्टर साबित हुई।
अब शाहरुख खान की फिल्म पठान बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो रही है। शाहरुख खान की छवि भी मुख्य तौर से सनातनियों में अच्छी नहीं हैं। शाहरुख खान के भी इतने काले चिट्ठे हैं, जिन पर भारत का एक बड़ा तबका जो कि सनातन है अगर विरोध कर दे तो उनकी फिल्म भी डिजास्टर साबित होगी| वहीं ऐसा होता दिख भी रहा है। अभी शाहरुख के पुराने चिट्ठों को खोला भी नहीं गया और उनका नया गाना बेशरम रंग ने ही इतनी कंट्रोवर्सी खड़ी कर दी कि, जो उनकी फिल्म को बर्बाद करने के लिए काफी है। जिस तरह से दीपिका ने भगवा कपड़े पहना और जो इशारे शाहरुख ने गाने में किया है, इससे भगवाधारियों की भावनाओं से एक बार फिर खिलवाड़ किया गया है। पहले तो फिल्म का नाम पठान, दूसरा गाने के नाम बेशरम रंग, तीसरा गाने में नग्नता का प्रचार, चौथा भगवे कपड़े और इस्लामिक इशारों का प्रयोग, फ़िलहाल यही वजह ही पठान के हिसाब-किताब को बिगाड़ने के लिए काफी है।
फिल्म का जमकर विरोध शुरू है और ऐसा लगता नहीं है कि ये विरोध रुकने वाला है। बॉयकॉट पठान की आंधी कई तरफ से उठी है। हालांकि ऐसे में मेकर्स की पूरी कोशिश है कि वो कैसे भी करके इसे हिट कराएं, लेकिन लगता है जनता मेकर्स की कोशिशों को नाकामियों में बदल देगी। खबरें ऐसी भी हैं कि क़तर में हो रहे फीफा वर्ल्डकप में फिल्म को प्रमोट करने की कोशिश है| फिल्म को प्रमोट करने की हर तरफ कोशिश है लेकिन फिल्म बॉयकॉट की जा रही है। बेशरम रंग गाने में अश्लीलता परोसकर भी मेकर्स फिल्म को हिट करना चाहते हैं, वैष्णो देवी मंदिर जाकर फिल्म को हिट कराना चाहते हैं लेकिन दोनों ही प्रमोशन में फिल्म को लेकर बॉयकॉट का ट्रेंड बढ़ रहा है, न की फिल्म को सपोर्ट करने का। ऐसे में जाहिर तौर पर फ़िलहाल तो यही लगता है कि पठान फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर बॉयकॉट की बलि चढ़ने वाली है। बॉयकॉट का कारण खुद शाहरुख खान ने ही दर्शकों को दे दिया है। ऐसे में लाल सिंह चड्ढा की तरह ही पठान का हाल होगा, ऐसे भी भविष्य की कल्पना, मौजूदा दौर को देखते हुए लग रही है।
