June 1, 2026

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तवांग झड़प के बाद पहली बार अरूणाचल प्रदेश पहुंचे रक्षा मंत्री, चीन को दिया कड़ा संदेश

नई दिल्ली। तवांग में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद पहली बार केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अरूणाचल प्रदेश पहुंचे। जहां उन्होंने नवनिर्मित सियाम पुल का उद्घाटन किया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने बीआरओ की 26 परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। बता दें गत 9 दिसंबर को भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद सीमा पर उपजी तनावग्रस्त स्थिति के बाद केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत निर्माण पर बल दे रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत निर्माण को मूर्त रूप देने के बाद शत्रु देशों के लिए चुनौतियों का आंबार पैदा किया जा रहा है।

ध्यान रहे दिवंगत प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाला नेहरू ने चीन द्वारा की जा रही अतिक्रमण के मद्देनजर सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत निर्माण करने से गुरेज किया था, जिसे लेकर कई मौकों पर बीजेपी द्वारा कांग्रेस पर हमला भी किया जाता है। वहीं, चीन द्वारा की गई अतिक्रमण की कोशिश के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत निर्माण पर जोर दे दिया था। आइए, आगे आपको बताते हैं कि रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में क्या कुछ कहा था।

आपको बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी सैनिकों द्वारा की गई अतिक्रमण की कोशिशों के मद्देनजर स्पष्ट कर दिया कि हमारी सेना हर प्रकार की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार है। अगर कोई हमारी ओर आंख उठाकर देखेगा तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सेना किसी को छेड़ती नहीं है, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा तो हम उसे छोड़ेंगे भी नहीं। ध्यान रहे कि गत दिनों भारतीय सेना की ओर से की जा रही अतिक्रमण की कोशिशों को ध्यान में रखते हुए देश के सभी सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत निर्माण की दिशा में तेजी लाई जा रही है।

गौरतलब है कि गत 9 दिसंबर को चीनी सैनिक तवांग में अतिक्रमण के इरादे से आए थे, लेकिन भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब देकर चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया था। इस झड़प में चीन के 30 तो भारत के 3 सैनिक घायल हुए थे। याद दिला दें कि चीन के 300 सैनिकों ने तवांग में अतिक्रमण की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़ दिया था। इस झड़प को लेकर जहां पूरे दश ने भारतीय सैनिकों के शौर्य को सलाम किया था, तो वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेना के लिए पिटाई जैसा अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किया था। जिसके बाद उन्हें भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बहरहाल, अब देखना होगा कि चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के मद्देनजर आगामी दिनों से केंद्र सरकार की ओर से क्या कुछ कदम उठाया जाता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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