ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो के समर्थकों का उपद्रव, संसद, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में जमकर उत्पात
ब्रासीलिया। ब्राजील में रविवार को ठीक वैसा ही नजारा देखा गया, जैसा अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों ने किया था। ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के समर्थकों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट पर धावा बोल दिया। बैरिकेड्स को तोड़कर भीड़ तीनों जगह घुस गई और जमकर उत्पात मचाया। इस घटना की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस समेत तमाम नेताओं ने निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। वहीं, बोलसोनारो ने समर्थकों को भड़काने के राष्ट्रपति लुई इनासियो लूला डि सिल्वा के आरोपों को गलत बताया है। बोलसोनारो ने कहा कि है कि उनपर बिना किसी सबूत के आरोप लगाए गए हैं।
मीडिया की खबरों के मुताबिक ब्राजील की संसद में घुसी भीड़ में से तमाम लोग हरे और पीले रंग के झंडे ओढ़े हुए थे। इनमें से कुछ लोग अध्यक्ष की कुर्सी पर भी चढ़ गए। माइक को उखाड़ने की भी कोशिश हुई। संसद के बाहर मौजूद एक पुलिसकर्मी पर हमला कर उसे घोड़े से खींचकर भीड़ ने जमीन पर गिरा दिया। इस पूरे हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में दरवाजों और खिड़कियों को तोड़ डाला है। सांसदों के दफ्तर में भी तोड़फोड़ किए जाने की खबर है। पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया था, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि आंसू गैस के गोले वगैरा दागने से भी उपद्रवियों को रोकने में नाकामी हाथ लगी।
ब्राजील में पिछले साल 30 अक्टूबर को राष्ट्रपति पद के चुनाव हुए थे। इस चुनाव में बोलसोनारो को लूला डि सिल्वा ने हरा दिया था। इसके बाद बोलसोनारो समर्थक देशभर में सेना के बैरकों के बाहर तब भी इकट्ठा हुए थे। उन्होंने चुनाव के नतीजों को मानने से साफ इनकार कर दिया था। बोलसोनारो ने भी अपनी हार को स्वीकार नहीं किया था। लुई इनासियो लूला डि सिल्वा तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने हैं।
