धर्मांतरण रैकेट के मास्टरमाइंड उमर का वीडियो आया सामने, खुलेआम धर्म परिवर्तन की बात कबूली
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट के मास्टरमाइंड उमर गौतम का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उमर ने धर्मांतरण की बात खुलेआम कबूल की है। साथ ही वीडियो में उमर ने कह रहा है कि उसने खुद दिल्ली के जामिया स्थित इस्लामिक दवाह सेंटर में 1000 लोगों को धर्मांतरण से संबंधित डॉक्यूमेंट जारी किए हैं। आपको बता दें कि यूपी एटीएस की टीम ने मुफ्ती काजी जहांगीर, मोहम्मद उमर गौतम को गिरफ्तार किया था। दोनों दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि वह गोरखपुर के यादव परिवार के लड़के और कानपुर की एक छात्रा का जिक्र कर रहा है, जिसने उससे प्रभावित होकर इस्लाम कबूल किया है। इस वीडियो में उमर गौतम अपने विदेशी दौरे की बात भी कह रहा है। जिसमें वह बड़े पैमाने पर विदेशों में धर्मांतरण का रैकेट का खुलासा कर रहा है। साथ ही वह वीडियो में वह आगे कह रहा है कि इस्लामिक दावा सेंटर में इंग्लैण्ड, सिंगापुर और पोलैंड तक में धर्मांतरण का काम होता है। वह कह रहा है कि लोगों के इस्लाम कबूल करने से अल्लाह का काम हो रहा है।
इस बीच धर्मांतरण मामले में अब हर रोज नए खुलासे हो रहे है। इसी क्रम में एक बड़ी जानकारी सामने आई है। खास बात ये है कि धर्म परिवर्तन के जरिए चल रहे जेहाद ने किस तरह मूक बधिर को अपना निशाना बनाया है। इनमें से एक है मन्नू यादव। 22 साल का मन्नू यादव कैसे एक एफिडेविट के जरिए अब्दुल मन्नान बना दिया गया। गौर करने वाली बात ये है कि मन्नू यादव मूक बधिर है यानी न वो बोल सकता है और न वो सुन सकता है। लेकिन धर्मांतरण के धंधेबाजों ने पैसे का लालच देकर मूक बधिर मन्नू यादव को अब्दुल मन्नान बना दिया।
मन्नू यादव का सर्टिफिकेट सामने आया है, जिसके मुताबिक मन्नू यादव को इसी साल 11 जनवरी को अब्दुल मन्नान बन गया। मन्नू यादव के धर्म परिवर्तन के प्रमाणपत्र को आप धर्म परिवर्तन के जेहाद का पहला सर्टिफिकेट भी कह सकते हैं। लेकिन इस सर्टिफिकेट को देखकर कई चौंकाने बात सामने आई है। दरअसल सर्टिफिकेट को जारी करने की तारीख अलग-अलग लिखी गई है। ये तारीख एक नहीं दो-दो जगह आप इन सर्टिफिकेट देख सकते है।
