हंसी का पात्र न बनें, ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों को सीएम योगी आदित्यनाथ की नसीहत
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्यूटी के दौरान रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों को नसीहत दी है। योगी बोले, हम अक्सर देखते हैं बहुत सारे लोग ड्यूटी के दौरान रील बनाते हैं, यह अनुशासनहीनता का विषय है। हमें अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहना होगा न कि रील बनाना चाहिए। हमें इस बात को ध्यान में रखना होगा कि जिस कार्य को हमें करना है उसके प्रति उतनी ही सतर्कता और गंभीरता भी होनी चाहिए तभी गरिमापूर्ण तरीके से परिणाम दे पाएंगे। ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे हंसी का पात्र बनें। सिस्टम पर अनावश्यक उंगली उठाने का प्रयास होता है। जो व्यक्ति जिसकी जहां ड्यूटी है वहां कार्य करेगा तो परिणाम अपने आप आएगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने नियुक्ति-पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं है तो शासन भी आपसे अपेक्षा रखेगा कि उतनी ही ईमानदारी के साथ, उतने ही गरिमापूर्ण तरीके से अपने दायित्व को पूरा करना है। टालने की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए। अगर हम भी पिछली सरकारों की तरह टालते तो ये सवा दो लाख भर्तियां अकेले उत्तर प्रदेश पुलिस में नहीं हो पातीं। सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया होता। इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनिंग सेंटर विकसित नहीं हो पाए होते।
योगी बोले, हर क्षेत्र में सरकार ने कुछ न कुछ नया किया है। उसके परिणाम आज सामने आए हैं। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं है। देश की टॉप थ्री इकोनॉमी में यूपी का नाम आता है। आज यूपी पुलिस टॉप पर चल रही है। पिछले 9 सालों में सवा दो लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती हुई है। भर्ती प्रक्रियाओं में कोई सिफारिश या कोई भेदभाव नहीं किया गया। हमने उत्तर प्रदेश के अंदर जो पारदर्शिता लाने का कार्य किया है, भर्ती आयोग और बोर्ड में उसके परिणाम सामने आए हैं।
