कांग्रेस में उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टियों के विलय की योजना!, बीजेपी विधायक का बड़ा दावा
मुंबई। एक तरफ उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी के 6 सांसदों के टूटने की अटकलें हैं। वहीं, महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक आशीषराव देशमुख ने उद्धव की पार्टी के बारे में एक और बड़ा दावा किया है। बीजेपी विधायक देशमुख ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में दावा किया है कि उनके पास पुख्ता जानकारी है कि उद्धव की पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय राउत चाहते हैं कि शिवेसना-यूबीटी और शरद पवार की एनसीपी-एसपी का कांग्रेस में विलय हो जाए।
महाराष्ट्र बीजेपी के विधायक आशीषराव देशमुख ने ये दावा भी किया कि कांग्रेस में उद्धव ठाकरे और एनसीपी-एसपी की पार्टी के विलय की शर्तों के तहत शरद पवार को राज्यसभा में नेता विपक्ष और उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की योजना है। बीजेपी विधायक के इस दावे पर खबर लिखे जाने तक उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी और शरद पवार की एनसीपी-एसपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। उद्धव और शरद पवार कांग्रेस के साथ ही हैं। बीजेपी से उद्धव के अलग होने के बाद तीनों ने मिलकर महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी बनाई। जिसने 2024 के लोकसभा चुनाव में तो अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गठबंधन की दुर्गति हो गई।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी को 20 सीट पर जीत मिली थी। जबकि, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी को 10 सीट ही मिल सकी थीं। अब अटकलों ने जोर पकड़ा हुआ है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी के 9 में से 6 सांसद अलग होकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़ना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस के बाद उद्धव के सांसद शिंदे के साथ चले जाएंगे। इससे लोकसभा में शिंदे की शिवसेना के सांसदों की संख्या 13 हो जाएगी। अगर टूट होती है, तो चार साल बाद उद्धव ठाकरे को दूसरी बार झटके का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल, उद्धव ने अपने सांसद संजय राउत अपनी पार्टी के सांसदों की टूट बचाने के काम में जुटा रखा है।
