ये शर्त मानने पर मोदी सरकार के परिसीमन बिल का समर्थन कर सकती है शरद पवार की पार्टी
मुंबई। शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी एक शर्त पर मोदी सरकार के परिसीमन बिल का समर्थन कर सकती है। शरद पवार की बेटी और लोकसभा में पार्टी सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को ये बात कही। सुप्रिया सुले ने कहा कि एनसीपी-एसपी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने कहा था कि परिसीमन बिल के तहत हर राज्य की लोकसभा सीटों में 50 फीसदी कोटा दिए जाने पर हम इस बिल का समर्थन करने पर विचार करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि बिल पेश होने पर रुख तय करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि शरद पवार की पार्टी एनडीए में शामिल नहीं होगी।
इससे पहले मंगलवार की रात शरद पवार की पार्टी के नेता जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही अटकलों ने जोर पकड़ा कि शरद पवार कुछ बड़ा फैसला लेने वाले हैं। अब सुप्रिया सुले के ताजा बयान से साफ हो गया है कि इंडी गठबंधन के प्रमुख दल कांग्रेस के रुख से अलग हटकर शरद पवार की पार्टी परिसीमन बिल पर समर्थन दे सकती है। शरद पवार खुद राज्यसभा के सांसद हैं। वहीं, उनकी पार्टी के छह सांसद लोकसभा में हैं। ऐसे में संसद के मॉनसून सत्र में अगर मोदी सरकार फिर परिसीमन बिल लाती है, तो उस वक्त सियासत का नजारा कुछ और दिख सकता है। क्योंकि इस बिल को पास कराने के लिए मोदी सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत चाहिए होगा।
इससे पहले मंगलवार की रात शरद पवार की पार्टी के नेता जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही अटकलों ने जोर पकड़ा कि शरद पवार कुछ बड़ा फैसला लेने वाले हैं। अब सुप्रिया सुले के ताजा बयान से साफ हो गया है कि इंडी गठबंधन के प्रमुख दल कांग्रेस के रुख से अलग हटकर शरद पवार की पार्टी परिसीमन बिल पर समर्थन दे सकती है। शरद पवार खुद राज्यसभा के सांसद हैं। वहीं, उनकी पार्टी के छह सांसद लोकसभा में हैं। ऐसे में संसद के मॉनसून सत्र में अगर मोदी सरकार फिर परिसीमन बिल लाती है, तो उस वक्त सियासत का नजारा कुछ और दिख सकता है। क्योंकि इस बिल को पास कराने के लिए मोदी सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत चाहिए होगा।
