जाकिर नाइक की तर्ज पर हो रहा था धर्मांतरण का खेल, हुआ भंडाफोड़
नई दिल्ली। हाल ही में उत्तर प्रदेश एटीएस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया। साथ ही मामले 2 मौलाना को धर दबोचा था। बता दें कि यूपी एटीएस की टीम ने सोमवार को मुफ्ती काजी जहांगीर, मोहम्मद उमर गौतम को गिरफ्तार किया था। दोनों दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले है।
इसकी जानकारी खुद यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए दी थी। वहीं धर्मांतरण के धंधेबाजों पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। साथ ही सीएम योगी ने आरोपियों की प्रॉपर्टी जब्त करने के भी आदेश दे दिए।
लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि भारत में नफरत फैलाने के आरोपों का सामना कर रहे भगोड़े इस्लामिक धर्म गुरु जाकिर नाइक का नाम भी इस मामले से तार जुड़े नजर आ रहे है। दरअसल आईडीसी का कतर स्थित सलाफी उपदेशक डॉ बिलाल फिलिप्स द्वारा स्थापित इस्लामिक ऑनलाइन विश्वविद्यालय के साथ संबंध हैं, जो जाकिर नाइक का सहयोगी बताया जाता हैं।
बता दें कि इस रैकेट को कई एनजीओ के जरिए पैसा मिलता है। खास बात ये है कि ये रैकेट जाकिर नाइक की तर्ज पर ही धर्मांतरण का खेल-खेल रहा था। क्योंकि जिस तरह जाकिर नाइक महिलाओं कमजोर वर्ग के लोगों का बेन व्राश करके उन्हें पैसे का लालच देकर धर्म परिवतर्न करता था ठीक उसी की तर्ज पर ये 2 दोनों मौलाना मूक बधिर और कमजोरी महिला को जबरन धर्मांतरण करवाने के लिए उकसाते आ रहे है। इस रैकेट के जरिए बहरे और गूंगे युवाओं को टारगेट किया जा रहा था।
