February 16, 2026

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पलामू हिंसा पर भड़के मोदी के मंत्री गिरिराज सिंह, गांधी-नेहरू का नाम लिए बगैर बोले- मेरे पुरखों से बड़ी गलती हुई

नई दिल्ली। अच्छा हुआ नहीं रहे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी…अच्छा हुआ नही रहे ‘द फॉदर ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन’ भीम राव आंबेडकर…अच्छा हुआ नही रहे 23 साल की उम्र में ही देश की खातिर फांसी के फंदे को अपनी आगोश लपेटने वाले भगत सिंह…अच्छा हुआ नहीं रहे ‘आजाद हिंद फौज’ की स्थापना करने वाले सुभाष चंद्र बोस…नहीं तो नहीं देख पाते भारत की इस दुर्गति को…अच्छा हुआ नहीं रहे वे सभी लोग जिन्होंने इस देश को आजादी दिलाने में अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। अगर होते तो उन्हें बहुत तकलीफ होती आज के इस भारत को देखकर। बहुत तकलीफ होती उन्हें पलामू वाली घटना से वाकिफ होने के बाद। पता है आपको झारखंड के पालूम में क्या हुआ? अगर आपको पता लग गया तो बहुत तकलीफ होगी आपको भी। अगर आपको पता लग गया तो आपको भी बहुत तकलीफ होगी।

…तो यह खौफनाक मंजर कहीं और का नहीं, बल्कि झारखंड के पलामू जिले का है, जहां शरारती तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया और यह उत्पात उस वक्त मचाया गया, जब महाशिवरात्री के स्वागत के लिए तोरनद्वार निकाला जा रहा था। ध्यान रहे कि पौराणिक शब्दाबली में इस प्रक्रिया को तोरनद्वार कहा जाता है। तो महाशिवरात्री से पहले हिंदू पक्ष के लोगों ने तोरनद्वार निकालने का फैसला किया। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने पास में मस्जिद होने का हवाला देकर हिंदू समुदाय से तोरनद्वार नहीं निकालने के लिए कहा, लेकिन हिंदू पक्ष ने असहमित जताई, जिससे बिफरे लोगों ने तोरनद्वार पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। यही नहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिदों से ईंट और खाली बौतलें तक फेंकी गईं। खबर है कि इस पथराव की जद में आकर कई लोग घायल हो गए। हालांकि, बाद में घायलों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा करने वाले कौन लोग थे? क्या यह सुनियोजित साजिश थी या सामाज में फिर से दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने का माध्यम? हालांकि, पलामू में तोरनद्वार के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसकी चौतरफा निंदा की जा रही है।

उधर, अब इस पूरे मसले पर सियासत भी गरमा चुकी है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता व हर मसले पर बेबाकी से अपनी राय देने वाले गिरिराज सिंह ने भी पलामू हिंसा की निंदा की है। उन्होंने पलामू हिंसा के लिए मुस्लिम समुदाय को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं, एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलामू हिंसा मामले में हेमंत सोरेन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर क्यों नहीं सुरक्ष के पुख्ता इंतजाम किए गए? उन्होंने पूरे मामले को सुनियोजित साजिश बताया। उधर, बीजेपी ने इस प्रकरण में सोरेन सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, तो इस तरह से पूरे मसले को लेकर सियासत का तड़का जमकर लगाया जा रहा है। अब ऐसे में यह पूरा माजरा आगामी दिनों में क्या रुख अख्तियार करता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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