भरतपुर के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है सबसे बड़ा धार्मिक महाकुंभ
नरेंद्र बंसल –
राजस्थान की वीर और पावन धरा भरतपुर का रूपवास क्षेत्र आगामी 21 मई से एक ऐसे ऐतिहासिक और आलौकिक भक्ति आंदोलन का गवाह बनने जा रहा है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी। तहसील रूपवास के अंतर्गत आने वाले ग्राम गढ़ी की पावन भूमि पर आगामी 21 मई से 27 मई 2026 तक “सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ” का महा-आयोजन होने जा रहा है।
यह केवल एक कथा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का एक ऐसा महाकुंभ होने जा रहा है, जिसमें डूबकर हजारों श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य करेंगे। इस विराट धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन श्रीकृष्ण अनमोल श्री धाम (आश्रम) ग्वालियर (मध्य प्रदेश) एवं जयपुर (राजस्थान) द्वारा किया जा रहा है।
पूज्य संत श्री नारायण दास जी महाराज का मिलेगा पावन सानिध्य
इस महा-महोत्सव की गरिमा को चार चांद लगाने के लिए सनातन धर्म के ध्वजवाहक, परम पूज्य संत ।। श्री नारायण दास जी महाराज ।। का दिव्य सानिध्य क्षेत्रवासियों को मिलने जा रहा है। महाराज श्री की उपस्थिति मात्र से ही पूरा गढ़ी गाँव और आसपास का क्षेत्र तपोभूमि में तब्दील हो चुका है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और पंडाल को इस तरह भव्य रूप दिया जा रहा है मानो साक्षात ‘गोकुल धाम’ धरती पर उतर आया हो।
महा-आकर्षण: अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक ‘अनमोल श्री’ जी करेंगी दिव्य ज्ञान वर्षा
इस सात दिवसीय भव्य ज्ञान यज्ञ की मुख्य सूत्रधार होंगी देश ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार भी सनातन संस्कृति का परचम लहराने वाली अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक ‘अनमोल श्री’ जी। अपनी अत्यंत सुरीली, ओजस्वी और मंत्रमुग्ध कर देने वाली शैली के लिए प्रसिद्ध अनमोल श्री जी जब व्यासपीठ से श्रीमद भागवत महापुराण के गूढ़ रहस्यों को उजागर करेंगी, तो पंडाल में मौजूद हर एक श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठेगा। उनके भजनों पर झूमने और ठाकुर जी की भक्ति में लीन होने के लिए दूर-दूर से भक्तों का आगमन अभी से शुरू हो गया है।
21 मई, प्रातः 8 बजे: ऐतिहासिक कलश यात्रा से थमेगी रूपवास की रफ्तार
आयोजन समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, इस महा-महोत्सव का शंखनाद 21 मई को सुबह ठीक 8:00 बजे एक भव्य और ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ होगा।
अभूतपूर्व दृश्य:
इस कलश यात्रा में हजारों की संख्या में माताएं-बहनें पीत वस्त्र धारण कर, सिर पर मंगल कलश लेकर निकलेंगी।
शाही ठाट-बाट:
यात्रा में ढोल-नगाड़े, पारंपरिक बैंड, ऊंट-घोड़े और प्रभु की दिव्य झांकियां शामिल होंगी।
पुष्प वर्षा:
पूरे गढ़ी गाँव के मार्ग को तोरण द्वारों और रंग-बिरंगे फूलों से पाट दिया गया है। ग्रामीणों द्वारा जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा।
प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे: थमेगा समय, बहेगी अमृत गंगा
कलश यात्रा के भव्य समापन के बाद, प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक मुख्य कथा का वाचन किया जाएगा। इन तीन घंटों के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति के एक ऐसे अनूठे संसार में प्रवेश कर जाएगा, जहाँ केवल शंखनाद, घंटियों की गूंज और “हरे कृष्ण हरे राम” का महामंत्र सुनाई देगा।
सात दिनों तक सजेगी दिव्य लीलाओं की सजीव झांकियां:
कथा के दौरान हर दिन भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित भव्य झांकियां निकाली जाएंगी
डिजिटल महाकुंभ: विश्व स्तर पर YouTube और Facebook पर महा-प्रसारण
तकनीक और अध्यात्म के इस अनूठे संगम में, जो श्रद्धालु शारीरिक रूप से भरतपुर नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन्हें निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
ग्लोबल स्तर पर लाइव टेलीकास्ट की व्यापक व्यवस्था की गयी है।
कहाँ देखें लाइव प्रसारण?
YouTube Channels: Anmol_Shri_Official, anmolshri एवं Anmolshree
Facebook Page: कथावाचक अनमोल श्री
इन सभी प्लेटफॉर्म्स पर दोपहर 12 बजे से कथा का सीधा (Live) प्रसारण किया जाएगा।
आयोजकों की भावुक अपील: “पलक पावड़े बिछाकर तैयार है गढ़ी गाँव, आप भी आएं”
श्रीकृष्ण अनमोल श्री धाम आश्रम परिवार और गढ़ी गाँव के समस्त ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से पूरे भरतपुर जिले सहित राजस्थान, यूपी और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं को इस कथा में शामिल होने का भावभीना निमंत्रण भेजा है। आयोजकों का कहना है कि ऐसा दिव्य अवसर सदियों में एक बार आता है, जब इतनी महान विभूतियां हमारे बीच पधार रही हैं। अतः इस पुण्य लाभ से वंचित न रहें।
