राजस्थान के नागौर से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाला 10 हजार किलो अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर बरामद, सुलेमान खान गिरफ्तार
नागौर। राजस्थान के नागौर में पुलिस ने एक घर से करीब 10 हजार किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया है। अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल विस्फोटक के तौर पर भी किया जाता है। नागौर के एसपी मृदुल कछवा ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर नागौर पुलिस की विशेष टीम ने सुलेमान खान नाम के शख्स के थानवला आवास पर छापा मारा। जहां से अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी की गई। एसपी के मुताबिक सुलेमान खान ने अपने खेत में बने कमरे में 187 बोरों में अमोनियम नाइट्रेट रखा था। इसके अलावा मौके से डेटोनेटर के 9 बक्से, नीले और लाल तार के 24 बंडल और अन्य चीजें भी बरामद की गईं।
नागौर के एसपी के मुताबिक सुलेमान खान को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ नागौर के थानवला, पादुक्कल्लन और अलवर जिले के चौपसनी में भी पहले से तीन केस दर्ज हैं। तीनों ही केस विस्फोटक संबंधी एक्ट में दर्ज है। सुलेमान खान से पुलिस पूछताछ कर रही है कि बरामद अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर वगैरा का इस्तेमाल कहां किया जाना था। हालांकि, पुलिस को ये भी पता चला है कि खदान मालिकों को भी सुलेमान विस्फोटकों की सप्लाई करता था। हालांकि, जिस बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर वगैरा बरामद किए गए हैं, उससे पुलिस मामले को हल्के में नहीं ले रही। पुलिस का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां भी सुलेमान से पूछताछ कर सकती हैं।
बता दें कि अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार बम धमाके में भी किया गया था। कार बम धमाके से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद में छापा मारकर डॉ. मुजम्मिल गनई के एक किराए के कमरे से बड़ी तादाद में अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था। वहीं, 2 दिसंबर 2025 को नाथद्वारा में अमोनियम नाइट्रेट से लदी गाड़ी पकड़ी गई थी। इस गाड़ी से कारतूस और डेटोनेटर वगैरा भी मिले थे। पहले भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कर दिल्ली समेत कई जगह आतंकियों ने बम धमाके किए। अमोनियम नाइट्रेट को खाद के हिसाब से आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसमें कुछ रसायन मिलाकर जोरदार विस्फोटक भी बनाया जा सकता है।
