मणिपुर में बसे अवैध बांग्लादेशियों की अब खैर नहीं, सीएम ने घर-घर जाकर पहचान का किया एलान
इंफाल। मणिपुर सरकार ने अब बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए बड़ा अभियान छेड़ने का एलान किया है। मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार को ये जानकारी मीडिया को दी। बीरेन सिंह ने बताया कि हम अगर एनआरसी कराना चाहें, तो अकेले ये फैसला नहीं ले सकते। इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी। ऐसे में अब मणिपुर में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए उनकी सरकार ने नया तरीका अपनाया है। बीरेन सिंह ने कहा कि मणिपुर के घर-घर जाकर सरकारी टीमें सर्वे करेंगी और अवैध प्रवासियों की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मणिपुर सरकार ने जनसंख्या की गिनती के लिए आयोग बनाया है और अब इस काम को किया जाएगा।
बता दें कि मणिपुर में भी असम की तरह ही अवैध प्रवासियों के होने का आरोप लगता रहा है। राज्य में पिछली बार हुए विधानसभा चुनाव में भी ये मुद्दा बना था। बीजेपी ने कहा था कि वो मणिपुर में अवैध प्रवासियों की पहचान कराएगी। अब इस दिशा में बीरेन सिंह सरकार कदम उठाने जा रही है। सीएम बीरेन सिंह ने हालांकि ये नहीं बताया कि अवैध प्रवासी मिलने पर उनके खिलाफ सरकार किस तरह का अगला कदम उठाएगी। बहरहाल इस मामले में मणिपुर की सियासत के भी गरमाने के आसार दिख रहे हैं।
मणिपुर में इससे पहले तमाम बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार किए गए थे। बीरेन सिंह ने तब कहा था कि ऐसे लोग राज्य के लिए बड़ा खतरा है। सीएम बीरेन सिंह ने बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले अवैध प्रवासियों को किराए पर घर न देने की अपील भी लोगों से की थी। उन्होंने कहा था कि जो भी अवैध प्रवासियों को किराए पर घर देगा, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब मणिपुर में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए बड़ा सरकारी अभियान छेड़ने के एलान से ऐसे लोगों को भी तमाम कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
