मणिपुर में नेशनल हाईवे-2 को खोलने पर कुकी-जो काउंसिल राजी, केंद्र सरकार के साथ हुआ समझौता
नई दिल्ली। मणिुपर में शांति बहाली और जनजीवन को पटरी पर लाने के प्रयासों के बीच आज केंद्र सरकार और कुकी-जो काउंसिल (केजेडसी) के बीच एक बड़ी सहमति बनी। कुकी-जो काउंसिल नेशनल हाईवे-2 को खोलने के लिए राजी हो गया है। मणिपुर को नागालैंड और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एनएच-2 मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच हिंसा के बाद से पिछले कई महीनों से बंद था। कुकी-जो काउंसिल ने राज्य में केंद्र सरकार की ओर से तैनात सुरक्षाबलों के साथ सहयोग का आश्वासन भी दिया है। एनएच-2 के खुलने से मणिपुर में राहत शिविरों में रह रहे नागरिकों के लिए जरूरी सामान पहुंचाने में आसानी होगी। इसके साथ ही लोगों को आने जाने में परेशानी नहीं होगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय, कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) के प्रतिनिधियों के बीच आज दिल्ली में हुई बैठक में समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। केएनओ और यूपीएफ ने अपने सात कैंपों को संघर्ष वाले इलाकों से हटाने, अपने हथियारों को सीआरपीएफ और बीएसएफ के कैंप में जमा कराने का वादा किया है। पीएम मोदी के मणिपुर दौरे से पहले यह एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। आपको बता दें कि मई 2023 में मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों के बीच जबर्दस्त हिंसा भड़की जिसके बाद से अभी तक वहां हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।
हिंसक घटनाओं में 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और बहुत से लोगों को जान बचाकर अपना घर छोड़कर भागना पड़ा जिसके बाद उन्होंने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। हिंसा से आहत होकर राज्य के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने इसी साल 9 फरवरी को पद से इस्तीफा दे दिया था। सीएम के इस्तीफा देने के बाद प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। 25 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति शासन को अगले 6 महीने बढ़ाने का प्रस्ताव संसद में पेश किया था जिसे मंजूरी मिल गई थी।
