April 24, 2026

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टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अलगाववादी नेता शबीर अहमद शाह को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, तुरंत अंतरिम जमानत देने से इनकार

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता और टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद आरोपी शबीर अहमद शाह को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर शबीर अहमद शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दी थी। शबीर अहमद शाह के वकील ने तत्काल जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप नाथ की बेंच ने शाह को तुरंत अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने शबीर शाह की जमानत की याचिका पर एनआईए से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। ऐसे में शबीर अहमद शाह को अभी जेल में ही रहना होगा।

शब्बीर अहमद शाह के वकील ने जब अपने मुवक्किल के खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट से तत्काल जमानत की गुहार लगाई, तो बेंच ने कहा कि क्या आज ही उनको छोड़ देना चाहिए? कोर्ट ने इसके साथ ही कहा कि शबीर अहमद शाह को अंतरिम जमानत नहीं दी जाएगी। इस मामले में एनआईए का जवाब आने पर दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। इससे पहले शबीर अहमद शाह ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी जमानत की याचिका दाखिल की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 जून 2025 को शबीर शाह को जमानत देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां भी फिलहाल राहत नहीं मिली है।

एनआईए ने 4 जून 2019 को शबीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग केस में गिरफ्तार किया था। इस मामले में 12 आरोपी हैं। एनआईए ने आरोप लगाया है कि शबीर अहमद शाह समेत आरोपियों ने जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी कराई, सरकारी संपत्ति को नुकसान कराया और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रची। शबीर अहमद शाह पर अलगाववादी आंदोलन का समर्थन करने, आतंकियों को शहीद बता उनके परिवारों को सम्मानित करने, हवाला और एलओसी से व्यापार कर पैसा जुटाने का आरोप है। दिल्ली हाईकोर्ट से पहले शबीर शाह ने घर में नजरबंद करने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने मामला गंभीर बताते हुए इसे भी नहीं माना। शबीर अहमद शाह पर 24 केस हैं। शबीर की जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी को केंद्र सरकार ने बैन किया था।

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