‘खुद हटाए अतिक्रमण, वरना…’, जिम कार्बेट पार्क में बने अवैध मजारों को लेकर CM धामी ने दी कड़ी चेतावनी
नई दिल्ली। उत्तराखंड का जिम कार्बेट नेशनल पार्क सुर्खियों में है। दरअसल, पार्क में जानवरों से ज्यादा मजारों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिस पर संज्ञान लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान दो टूक कह दिया है कि स्वत: पार्क में बनाए गए सभी मजारों को ध्वस्त करें, अन्यथा सरकार की तरफ से इस दिशा में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्क का आलम यह है कि यहां जानवरों से ज्यादा मजारों की संख्या है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि इस पार्क के अंदर जाने की इजाजत पर्यटकों के अलावा और किसी को नहीं है, तो फिर लोगों को कैसे बड़ी संख्या में मजार बनाने की इजाजत मिली?
जाहिर है कि इस पूरे खेल में अंदर का कोई शख्स भी शामिल है, जिसकी शह पर मजारों को बनाया जा रहा है। उधर, पार्क में मजारों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मजारों को बनाने का यह खेल काफी लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन सरकार अब ही क्यों जागी ? आखिर अब ही क्यों मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसका संज्ञान लिया गया? सरकार इतने समय से क्या कर रही थी? उधर, कुछ लोगों का दावा है कि मीडिया में अतिक्रमण के खिलाफ चलाई गई खबरों को संज्ञान में लेने के बाद सीएम धामी की ओर इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि अब तक 1 हजार से भी ज्यादा जगहों का सर्वेक्षण कराया गया है, जहां अवैध मजारे बनाई गई हैं। सीएम धामी ने इन अवैध मजारों को हटाने के लिए 6 माह का समय दिया है। साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर तय समय तक मजारों को ध्वस्त नहीं किया गया, तो सरकार की ओर से इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया जाएगा। पार्क में स्थित मजारों का रंग-रोगन कराया गया है। काफी संख्या में लोग यहां पहुंच भी रहे हैं। सरकार के मुताबिक, यह क्षेत्र आरक्षित है, लेकिन इसके बावजूद भी लोग यहां पहुंच रहे हैं।
