May 1, 2026

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सूडान में अर्धसैनिक बलों और सेना के बीच छिड़ा भीषण युद्ध, लूटपाट और हिंसा के बीच फंसे तमाम भारतीय नागरिक

खार्तूम। अफ्रीका वो महाद्वीप है जहां गरीबी अपने चरम पर रहती है। शताब्दियों से ही मुफलिसी का जीवन व्यतीत कर रहे यहां के लोगों के लिए खाने तक के कई बार लाले पड़ जाते हैं। ऊपर से उपनिवेशवादी ताकतों के जुल्म और लूट खसोट ने अफ्रीका को और गरीब बनाया। यही कारण है कि आज भी इस महाद्वीप के कई देशों में भ्रष्टाचार और गरीबी के कारण गृहयुद्ध छिड़े हुए हैं। ऐसे ही देशों में एक है अफ्रीका के सबसे असुरक्षित देशों में शुमार सूडान। इसी सूडान में एक बार फिर सेना और अर्धसैनिक बलों में जारी भीषण लड़ाई के बीच लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। बता दें कि सूडान के तमाम रिहायशी इलाकों में घरों में लोगों ने घुसकर लूटपाट मचाई है। इसके साथ ही सूडान के सबसे मशहूर शहरों में गिने जाने वाले दारफुरमें सेव द चिल्ड्रन के दफ्तरों से लुटेरों ने बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों सहित रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप और कारों की भी चोरी कर डाली।

सूडान में बढ़ते अपराध और लूटपाट की घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए भारतीय दूतावास ने अपने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। खार्तूम सूडान की राजधानी है, इस समय खार्तूम में ही हालत स्थिर हैं, जबकि हर जगह लूटपाट मची है। खार्तूम में मौजूद भारतीय दूतावास ने अपने ट्विटर पर लिखा, “लूटपाट की कई घटनाएं हमें देखने को मिल रही हैं। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। इसी के चलते सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि कृपया बाहर न निकलें। कृपया अपनी राशन की आपूर्ति करके रखें। हालात को सामान्य होने में समय लग सकता है।

आपको बता दें कि कर्नाटक के तमाम लोग सूडान में रहते हैं, वो वहां व्यापार और नौकरियों में अच्छे पदों पर हैं। कर्नाटक के एक आदिवासी समुदाय के कम से कम 31 लोग सूडान में बुरी तरह फंस गए हैं। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के आयुक्त डॉ. मनोज राजन ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रालय से सूडान में भारतीय दूतावास की मदद से हक्की पिक्की समुदाय के लोगों के बचाव की प्रक्रिया को तेज करने की अपील की है। हमें जल्द से जल्द उन सभी 31 लोगों को या तो वहां से वापस निकालना होगा या फिर उनकी सुरक्षा के वहीं पुख्ता इंतजाम करने होंगे।

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