गाजीपुर बवाल पर बड़ी कार्रवाई, टिकैत के समर्थन में हंगामा करने वाले 200 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज
नई दिल्ली। यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन और भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में भाकियू के 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज कर लिया है। बता दें कि यह एफआईआर भाजपा नेता अमित बाल्मीकि की शिकायत पर दर्ज की गई, जिनके स्वागत के दौरान ही यह हंगामा हुआ था। बता दें कि केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को 7 महीने हो चुके हैं।
पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 223, 352, 427, 506 की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि झड़प के दौरान पुलिस ने वीडियो भी बनाया था, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान भी की जा रही है।
इससे पहले इस मामले पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत की प्रतिक्रिया सामने आई थी। टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यहां कोई मंच पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तो बक्कल उधेड़ देंगे। ये लोग फिर प्रदेश में कहीं नज़र नहीं आएंगे। किसान नेता ने आगे कहा कि वे (भाजपा समर्थक) यहां आकर अपने किसी नेता का स्वागत करना चाह रहे थे। यह कैसे हो सकता है। यह मंच किसानों का है। किसान संयुक्त मोर्चे के बैनर तले एकजुट हैं। यदि किसी को यहां आना है तो भाजपा छोड़कर आ जाए। मोर्चे में शामिल हो जाए।
उन्होंने कहा कि यहां यह दिखाने की कोशिश की गई कि हमने गाजीपुर के मंच पर भाजपा का झंडा फहरा दिया। यह बिल्कुल गलत बात है। ऐसे लोगों के बक्कल उधेड़ देंगे।
इतना ही नहीं टिकैत ने पुलिस पर भी गड़बड़ी फैलाने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। टिकैत ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पिछले तीन दिन से आ रहे हैं। पुलिस उन्हें संरक्षण दे रही है। पुलिस गुंडई छोड़ दे। वहीं भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किसानों पर तोड़फोड़ और पथराव का आरोप लगाए हैं।
