May 1, 2026

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यूपी ATS की जांच में PFI की साजिश का हुआ भंडाफोड़, परवेज, रईस ने इन खतरनाक मसूबों के साथ केरल में ली थी ट्रेनिंग

लखनऊ। इन दिनों हिंदूवादी संगठन बजरंग दल को लेकर कर्नाटक चुनाव से पहले सियासी बवाल मचा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ नेता बजरंग दल की तुलना आतंकी संगठन PFI से भी कर रहे हैं। इस बीच PFI के संगठन से जुडी एक बड़ी खबर भी सामने आई है, दरअसल, प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के वाराणसी से गिरफ्तार सदस्यों परवेज अहमद और रईस अहमद के मंसूबे बेहद खतरनाक थे। दोनों बीते कई दिनों से मुस्लिम युवाओं को भड़काऊ मैसेज भेज रहे थे। प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा में हुई हत्या समेत यूपी से जुड़े हर मामले को इस्लाम पर हमले से जोड़कर युवाओं को लगातार भड़काने का काम कर रहे थे जिससे जरूरत महसूस होने पर राज्य के भीतर सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ सकें। इन दोनों के दारुल ए इस्लाम से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है। इसके आलावा परवेज और रईस दिल्ली, केरल, यूपी आदि में आयोजित होने वाली पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों की कार्यशालाओं में शामिल होते थे, जहां उनको देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तैयार किया जाता था।

आपको बता दें कि गुजरे कई दिनों से लगातार केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल के मैसेज पर कड़ी निगाह बनाए हुए थीं। लेकिन जैसे ही राज्य के भीतर दोनों की गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई, उनको गिरफ्तार करने के साथ उनसे जुड़े युवाओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें, भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए संगठन जिस पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और भारत विरोधी एजेंडे को चलाने को लेकर कड़ी निगरानी बनाई हुई है। ये युवाओं को बरगलाकर अपने विचारधारा से जोड़ने के लिए नए नए हथकंडों को अपनाते हैं।

गौर करने वाली बात ये है कि आतंकी संगठन PFI का हेडक्वार्टर केरल में है, जहां से उनके पदाधिकारी निर्देश देते हैं। ऐसे ही बरगलाकर युवाओं को अपनी विचारधारा से जोड़ने के निर्देश केरल से दिए जा रहे थे। ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए परवेज और रईस सीएए, एनआरसी प्रकरण के समय से सक्रिय थे। दोनों असम तथा अन्य राज्यों में पीएफआई, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। एटीएस ने दोनों के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि उससे अहम जानकारियां हासिल हो पाएं।

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