FDI In INDIA: मोदी सरकार की एक और उपलब्धि, भारत में आ रहा सबसे ज्यादा एफडीआई, विकसित देश पिछड़े
नई दिल्ली। पिछले 9 साल में भारत दुनिया की 10वीं अर्थव्यवस्था से उछलकर 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। इस उपलब्धि के साथ ही भारत में जमकर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी हो रहा है। जबकि, अन्य विकसित देशों में विदेशी निवेश लगातार घट रहा है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (अंकटाड) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भारत में 10 फीसदी ज्यादा विदेशी निवेश आया। वहीं, विकसित देशों में एफडीआई में इसी दौरान 37 फीसदी की गिरावट आई। अंकटाड की रिपोर्ट कहती है कि एशियाई विकासशील देशों में पिछले साल भी 2021 की तरह 662 अरब डॉलर का एफडीआई आया। ये पूरी दुनिया में आए एफडीआई का करीब आधा है।
अंकटाड ने दुनिया के देशों में एफडीआई के बारे में रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 2023 में भारत में 49 अरब डॉलर की एफडीआई आया। जिन 5 देशों में 80 फीसदी एफडीआई आया, उनमें भारत भी है। भारत के अलावा इन देशों में चीन, सिंगापुर, हांगकांग और यूएई हैं। भारत में 2022 के मुकाबले जहां 10 फीसदी ज्यादा एफडीआई आया, वहीं चीन में 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जबकि, हांगकांग में 2022 के मुकाबले एफडीआई में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अंकटाड की रिपोर्ट के मुताबिक भारत तेजी से विकास की राह पर चल रहा है। सरकार ने बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाया है। इस वजह से यहां ज्यादा एफडीआई आ रहा है।
अंकटाड की रिपोर्ट कहती है कि दुनिया के अन्य देशों में एफडीआई 12 फीसदी घटा। इसकी वजह यूक्रेन-रूस की जंग, खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की कीमत में बढ़ोतरी और कर्ज बढ़ना रहा। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी लगातार अपने विदेशी दौरे में भारत में निवेश के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। मोदी ने हाल के अमेरिका दौरे में भी नामचीन उद्योगपतियों से मुलाकात की थी। उन्होंने सभी से कहा था कि निवेश के लिए भारत से बेहतर कोई देश नहीं है। इसकी वजह मोदी ने तकनीकी, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्रों में हुई तरक्की को बताया था।
