डीआरडीओ के वैज्ञानिक ने पाक के एजेंट को मिसाइलों समेत दी थीं अहम जानकारियां, चार्जशीट में दावा
पुणे। डीआरडीओ के गिरफ्तार वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर ने जारा दासगुप्ता नाम की पाकिस्तानी जासूस को ब्रह्मोस, अग्नि मिसाइल, ड्रोन और यूसीवी से जुड़ी जानकारियां दी थीं। ये महाराष्ट्र एटीएस की चार्जशीट में कहा गया है। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि पाकिस्तानी एजेंट ने जारा दासगुप्ता के नाम से सोशल मीडिया में आईडी बनाई। उसने खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया। जारा दासगुप्ता ने वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को अश्लील वीडियो और मैसेज देकर फंसाया। फिर ब्रह्मोस और अग्नि मिसाइलों के लॉन्चर, ड्रोन, यूसीवी और सेना के बिजिंग सिस्टम की जानकारियां मांगी। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक प्रदीप ने ये सारी जानकारी फोन में इकट्ठा की और फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंट को भेजी।
महाराष्ट्र एटीएस की चार्जशीट में कहा गया है कि जारा दासगुप्ता और प्रदीप कुरुलकर के बीच जून 2022 से दिसंबर 2022 तक संपर्क रहे। प्रदीप की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर पहले डीआरडीओ ने आंतरिक जांच कराई। जांच के दौरान प्रदीप ने इस साल फरवरी में जारा का नंबर ब्लॉक किया। फिर प्रदीप के पास भारत के मोबाइल नंबर से मैसेज आया कि उसका नंबर क्यों ब्लॉक किया गया है। एटीएस के अनुसार जब उसने जांच की, तो पाया कि आईपी एड्रेस ब्रिटेन का नहीं, बल्कि पाकिस्तान का था। इनकी जानकारी निकालने पर पता चला कि प्रदीप कुरुलकर ने अपनी पर्सनल जानकारी के अलावा सरकारी कार्यक्रमों के बारे में भी जारा दासगुप्ता नाम की पाकिस्तानी एजेंट को जानकारियां दी हैं।
प्रदीप कुरुलकर डीआरडीओ के पुणे स्थित लैब में सीनियर वैज्ञानिक थे। वो जारा दासगुप्ता के अश्लील वीडियो और मैसेज से उसकी तरफ आकर्षित हुए। सोशल मीडिया पर दोनों संपर्क में रहे। जारा और प्रदीप के बीच नजदीकी बढ़ने का खुलासा जांच में हुआ। महाराष्ट्र एटीएस ने 3 मई 2023 को प्रदीप कुरुलकर को गिरफ्तार किया था। प्रदीप के खिलाफ बीती 1 जुलाई को कोर्ट में महाराष्ट्र एटीएस ने चार्जशीट दाखिल किया है।
