हरदोई के मदरसों में करोड़ों का गबन, आधार की अनिवार्यता होते ही खुल गई मौलाना की पोल, 10 हजार छात्र हुए लापता
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हरदोई के मदरसों में फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां के मदरसों में फर्जीवाड़े का खेल जमकर खेला जा रहा था। कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हरदोई में करोड़ों का फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। यहां मदरसों में 3 करोड़ 60 लाख रुपये का छात्रवृति घोटाले प्रकाश में आया है। आधार की अनिवार्यता के बाद आधे छात्र गायब हो गए। यहां तक कि कई मदरसों में 90 फीसद छात्र गायब हैं।
बताया जा रहा है कि मदरसों में 10 हजार 185 छात्रों का कोई ब्यौरा नहीं है। आधार अनिवार्य किए जाने के बाद हरदोई में मदरसों के फर्जीवाडे़ के पोल खुलने लगी। आधार की अनिवार्यता के बाद पिछले साल की तुलना में जिले के मदरसों 10,185 छात्रों का ब्यौरा नहीं मिला। बता दें कि मदरसों में एक छात्र को हर साल 3,600 रुपये की छात्रवृति मिलती है। जिसके आधार पर 3 करोड़ 60 लाख रुपये का घोटाला बताया जा रहा है।
खबरों के मुबातिक, हरदोई में स्टूडेंट की फर्जी संख्या दिखाकर करोड़ों की स्कॉलरशिप का गबन किया जा रहा था। लेकिन जब आधार कार्ड की अनिवार्य किया गया तो इसके बाद मदरसों के फर्जीवाड़े की पोल खुलकर सामने आ गई। आधार अनिवार्य होते ही मदरसों से गायब 10 हजार से ज्यादा छात्र गायब हो गए। बता दें कि हरोई में 141 मदरसे है जहां पिछले साल तक 20 हजार छात्र तलीम हासिल कर रहे थे। लेकिन यूपी सरकार के एक नियम के बाद मदरसों के एक के बाद एक छात्र गायब होने लगे।
आंकड़ों के मुताबिक, यहां 141 मदरसों में साल 2022 में 25, 944 छात्र थे। लेकिन आधार के सत्यापान के बाद मौलानाओं की पोल खुल गई और 2023 आते-आते 15,759 छात्र ही रह गए। यानि की 10 हजार से अधिक छात्र अचानक से लापता हो गए। लेकिन सवाल ये उठता है कि योगी सरकार की तरफ से दिया मदरसों का फंड आखिरकार कौन निगल गया? अचानक से आधार की अनिवार्यता के बाद मदरसों के 10 हजार छात्र कहां ‘लापता’ हो गया?
