गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान, राजद्रोह कानून को किया जाएगा निरस्त
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। इस दौरान लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कानून से संबंधित तीन बिल पेश किए। इसके साथ ही अमित शाह ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है। गृह मंत्री ने बताया कि राजद्रोह कानून को निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही अमित शाह ने बताया कि केंद्र सरकार मॉब लिंचिंग के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान करेगी।
उन्होंने कहा, 1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार कार्य करती रही। इसकी जगह भारतीय आत्मा के साथ ये तीन कानून प्रस्थापित होंगे और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव होगा। मैं ये बिल स्टैडिंग कमेटी को भेजने वाला हूं।
उन्होंने आगे कहा कि जिन्होंने भी ये कानून पड़ा होगा। मानवीय हत्या से या महिलाओं के साथ दुराचार से बड़ा कोई अपराध नहीं हो सकता है। इसको 302 पर स्थान दिया गया। इसके पहले राजद्रोह था। खजाने की लूट और इसके पहले शासन के अधिकारी पर हमला था। ये एप्रोच है उसके हम बदल रहे है। इसमें सबसे पहले चैप्टर आएगा महिलाओं और बालकों के साथ अपराध का। दूसरा चैप्टर आएगा। मानव वर्ग और मानव शरीर के साथ अपराध होते है हमने शासन की जगह नागरिक को केंद्र में लाने का बहुत बड़ा सैद्धान्तिक निर्णय करके कानून में आए है।
