AAP सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा से सस्पेंड, नकली हस्ताक्षर करने का लगा आरोप
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा आप सांसद संजय सिंह को भी प्रिविलेज कमेटी की जांच तक सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों आप सांसदों का राज्यसभा से सस्पेंड किए जाने को लेकर सीएम केजरीवाल के लिए सियासी मोर्चे पर बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, अब दोनों आप सांसदों के सस्पेंड किए जाने पर बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर जोरदार हमला बोला है। वहीं, अब दोनों सांसदों को विशेषाधिकार समिति की जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार रहेगा।
बता दें कि बीते दिनों मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के दौरान हंगामा करने के आरोप में आप सांसद संजय सिंह को राज्यसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उनका मामला विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया था, लेकिन अब खबर है कि उनका निलंबन बढ़ा दिया गया है।
सनद रहे कि इससे पूर्व लोकसभा में आप के इकलौते सांसद सुशील कुमार रिंकू को भी दिल्ली सेवा बिल की प्रति फाड़ने के आरोप में केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रस्ताव पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। उधर, बीते गुरुवार को कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बदजुबानी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसी भी प्रकार की अभद्र टिप्पणी नहीं की है। आइए, अब आगे आपको राघव चड्ढा के निलंबन की वजह के बारे में विस्तार से बताते हैं।
क्यों हुए राघव चड्ढा निलंबित?
दरअसल, पांच सांसदों का आरोप है कि राघव चड्ढा ने दिल्ली लोक सेवा बिल को प्रवर समिति को भेजने के लिए उनकी अनुमति के बगैर उनका नकली हस्ताक्षर किया। आरोप लगाने वालों में सस्मित पात्रा (BJD), नरहरि अमीन (BJP), सुधांशु त्रिवेदी (BJP), नागालैंड से सांसद फांगनोन कोन्याक (BJP) और लोकसभा के पूर्व उपसभापति थंबीदुरई शामिल हैं। बता दें कि बीते दिनों इसकी शिकायत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी की गई थी। वहीं, यह मामला प्रकाश में आने के बाद राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने निष्पक्ष जांच की बात कही थी।
क्या बोले राघव चड्ढा ?
वहीं, आप सांसद राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगाए गए इन आरोपों को सियासी दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने के मकसद से उन पर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इन आरोपों को बीजेपी की साजिश बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वो विशेषाधिकार समिति द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब तफसील से देंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी मेरे ऊपर झूठे आरोप लगा रही है, जो कि कभी सफल नहीं होगी।
