‘तिरंगे को सलामी नहीं दे सकते’, मौलाना का विवादित बयान !
नई दिल्ली। गुजरात के पोरबंदर से स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले एक ऑडियो क्लिप काफी तेजी से वायरल हो रहा है। बहुत मुमकिन है कि आगामी दिनों में इस ऑडियो को लेकर विवाद अपने चरम पर पहुंचे, क्योंकि इस ऑडियो में एक मौलाना मुस्लिम समुदाय को स्वतंत्रता के दिवस के मौके पर राष्ट्र गाने ना गाने की हिदायत दे रहा है। ऑडियो में मौलाना यह कहता हुआ सुना जा रहा है कि राष्ट्रगाना गाना अल्लाह की तौहीन करने के बराबर है, जिस तरह से इसमें जय हो-जय हो के अल्फाजों का इस्तेमाल किया गया है, वो अल्लाह के तौहीन के बराबर है।
हालांकि, मौलाना कह रहा है कि हम तिरंगा फहरा सकते हैं। उसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आखिरी में जो अल्फाज जय हो- जय हो के कहे जा रहे हैं, वो मुनासिब नहीं है। पाक किताब हमें इन शब्दों को कहने की हिदायत नहीं देते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऑडियो जनवरी महीने का बताया जा रहा है, लेकिन अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इसे अब ही क्यों वायरल किया जा रहा है? क्या इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है?
खैर, ये तो पुलिस जांच का विषय है, लेकिन आपको बता दें कि इस तरह की तकरीरें देने वाले मौलाना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मौलाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 153,505 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मौलाना के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है। अब पुलिस आगामी दिनों इस पूरे मामले में क्या कुछ कार्रवाई करती है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
