‘नरसिंह राव थे सांप्रदायिक, राजीव गांधी ने की ये बड़ी गलती’, मणिशंकर अय्यर के बयान से आ सकता है सियासी भूचाल
नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर का ताजा बयान एक बार फिर सियासी भूचाल ला सकता है। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कह दिया कि कांग्रेस सरकार में पीएम रहे पीवी नरसिंह राव सांप्रदायिक थे। अय्यर ने राव को बीजेपी का पहला पीएम भी कह दिया। इसके अलावा सोनिया गांधी की मौजूदगी में ही अय्यर ने राजीव गांधी की गलती भी बता दी। पहले बताते हैं कि नरसिंह राव के बारे में मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा। अपनी आत्मकथा ‘मेमोयर्स ऑफ ए मावेरिक- द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941-1991)’ के विमोचन के मौके पर अय्यर ने कहा कि राम-रहीम यात्रा निकालने वाले थे, तब नरसिंह राव ने कहा कि उनको मेरी यात्रा से आपत्ति नहीं है। मणिशंकर के मुताबिक राव उस वक्त उनकी धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा से सहमत नहीं थे।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राव ने कहा कि मणि तुम ये नहीं समझते कि ये एक हिंदू देश है और मैं अपनी कुर्सी पर बैठा हूं। अय्यर ने कहा कि बीजेपी भी बिल्कुल यही कहती है। अय्यर ने पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने की भी वकालत की। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब उस देश (पाकिस्तान) की बात आती है, तो हमारे पास उसके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस तो होता है, लेकिन टेबल पर बैठकर बात करने की हिम्मत नहीं होती। अय्यर ने एक सवाल के जवाब में राजीव गांधी की गलती बताते हुए कहा कि उनको लगता है कि राम मंदिर का शिलान्यास करना गलत था। मणिशंकर ने कहा कि राजीव गांधी ने आरके धवन को प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ में लाकर बड़ी गलती कर दी थी। अय्यर ने कहा कि धवन ने तुरंत पीएमओ का राजनीतिकरण कर दिया था और बिना राजनीति में आए सलाह दे रहे थे।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि जब अचानक एलान हुआ कि राजीव गांधी पीएम बनने जा रहे हैं, तो मुझे अचरज हुआ कि कैसे एयरलाइंस का पायलट देश को चला सकता है! उन्होंने ये भी दावा किया कि वो राजीव गांधी के विश्वासपात्र नहीं थे। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मुझे लगता है कि राजीव गांधी सोचते थे कि मैं राजनीतिक तौर पर अनुभवहीन हूं। अय्यर ने ये दावा भी किया कि राजीव गांधी ने कभी उनसे सलाह नहीं ली। राजीव के बारे में मणिशंकर अय्यर ने कहा कि वो अच्छे व्यक्ति थे। वो ईमानदार, स्पष्टवादी और सिद्धांतों पर चलते थे। अय्यर का कहना था कि वीपी सिंह जैसी कुटिलता या आरिफ मोहम्मद खान जैसी चालाकी राजीवी गांधी में नहीं थी।
