आखिरकार दिल्ली से कनाडा निकले PM जस्टिन ट्रूडो, विमान में आई खराबी से फंस गए थे दिल्ली में
नई दिल्ली। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो आए तो थे दिल्ली में जी-20 की शिखर बैठक में हिस्सा लेने, लेकिन उनकी किस्मत ने ऐसी पलटी खाई कि शिखर सम्मेलन खत्म होने के बाद भी कनाडा के पीएम को दिल्ली में ही रहना पड़। हुआ ये कि जस्टिन ट्रूडो जिस विमान से दिल्ली पहुंचे थे, वो उतरने के बाद खराब हो गया। तकनीशियनों ने विमान को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। इसके बाद जस्टिन ट्रूडो 10 सितंबर को कनाडा नहीं लौट सके और दिल्ली के होटल में ही अपने साथ के अफसरों समेत रहने को मजबूर हुए। फिर खबर आई कि जस्टिन ट्रूडो के लिए कनाडा से दूसरा विमान दिल्ली आ रहा है।
जस्टिन ट्रूडो के लिए कनाडा से जो दूसरा विमान भेजा गया था, उसमें भी तकनीकी गड़बड़ी हो गई। इस विमान को इस वजह से लंदन की तरफ डायवर्ट किया गया है। अब ताजा जानकारी ये मिल रही है कि जस्टिन ट्रूडो मंगलवार को आखिरकार दिल्ली से कनाडा के लिए रवाना हो गए है। कुल मिलाकर खबर ये है कि जस्टिन ट्रूडो को अभी 12 से 24 घंटे और दिल्ली में ही रहना पड़ सकता है। इससे उनकी और कनाडा सरकार की बड़ी फजीहत हो रही है। कनाडा की मीडिया पहले ही जस्टिन ट्रूडो की जी-20 में बेइज्जती होने की खबरें छाप रही है। मोदी और जो बाइडेन के साथ तस्वीरों को लगाकर मीडिया ने जस्टिन ट्रूडो को निशाने पर ले रखा है।
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने जस्टिन ट्रूडो से अलग बैठक की थी। उस बैठक में मोदी ने साफ तौर पर कहा था कि कनाडा में जिस तरह खालिस्तानी आतंकी पैर पसार रहे हैं, उससे भारत चिंतित है। ट्रूडो ने इस पर कहा था कि कुछ लोग भारत विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं और इसके लिए पूरे समुदाय को गलत कहना ठीक नहीं होगा। ट्रूडो के इस बयान के बाद ही कनाडा के सर्रे में खालिस्तानियों ने जनमत संग्रह कराया। हालांकि, इसमें 7000 के करीब लोग ही शामिल हुए, लेकिन कनाडा की सिक्युरिटी के बीच खालिस्तानी आतंकी और सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) का चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू वहां भारत के खिलाफ आग उगलते देखा गया था।
