कर्नाटक कांग्रेस में थम नहीं रही उठापटक, क्या डिप्टी सीएम शिवकुमार के पर कतरने की है तैयारी!
बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस में जारी आपसी उठापटक थमती नहीं दिख रही है। इस उठापटक में ताजा घटनाक्रम कर्नाटक में सीएम सिद्धारामैया की सरकार में मंत्री केएन राजन्ना का बयान है। राजन्ना के बयान से ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के पर कतरने की तैयारी है? कर्नाटक में मंत्री केएन राजन्ना ने बयान दिया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक में 3 और डिप्टी सीएम बनाने से कांग्रेस को फायदा हो सकता है। राजन्ना के इसी बयान पर मौजूदा डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने जवाब दिया है। डीके शिवकुमार ने सिद्धारामैया के मंत्री केएन राजन्ना के बयान पर कहा है कि मुझे कांग्रेस ने ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर डिप्टी सीएम का पद दिया है।
डिप्टी सीएम के साथ कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष का ओहदा भी संभाल रहे शिवकुमार ने मीडिया से कहा कि 3 डिप्टी सीएम के बारे में वो कुछ नहीं कहेंगे। शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान या सीएम सिद्धारामैया ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं। शिवकुमार ने ये भी कहा कि डिप्टी सीएम बनने की बहुतों को और हर किसी को चाहत होगी। इसका जवाब देने वाले लोग मौजूद हैं। अपनी बात रखते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि आज से नहीं, 1985 से मेरे संघर्ष को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने मुझे डिप्टी सीएम पद पर बिठाया है।
शिवकुमार के बयान के बाद कांग्रेस के विधायक बसवराज रायरेड्डी ने अलग से मांग कर दी है कि कर्नाटक में 6 और डिप्टी सीएम बनाए जाने चाहिए। इसी से लगता है कि कर्नाटक में कांग्रेस के नेताओं के बीच पद हासिल करने को लेकर टकराव तेज होता जा रहा है।
जिस तरह से कर्नाटक कांग्रेस में आए दिन टकराव की खबरें आती हैं, उससे इस सरकार के सामने मुश्किलों का अंबार खत्म होता नहीें दिख रहा। सबकी नजर इस पर है कि नेताओं के बीच टकराव से सीएम सिद्धारामैया किस तरह पार पाते हैं। हालांकि, सिद्धारामैया को सियासत का बड़ा खिलाड़ी माना जाता है और वो हालात को अपने हिसाब से कंट्रोल करने में सक्षम भी कहे जाते हैं।
केएन राजन्ना को सीएम सिद्धारामैया का करीबी माना जाता है। कर्नाटक में सरकार गठन के वक्त भी सिद्धारामैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान चली थी। बाद में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने सिद्धारामैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाकर पदों के बंटवारे का मसला हल कराया था। हालांकि, तभी से आए दिन दोनों के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान जारी रहने की खबरें आती रहती हैं। हालांकि, सिद्धारामैया की तरफ से कभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जाता रहा है। शिवकुमार जरूर इस बार अपने ट्रैक रिकॉर्ड की बात कहकर बताते दिखे कि आखिर कर्नाटक में डिप्टी सीएम पद पर उनको क्यों बिठाया गया है।
