तेजस लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में हैदराबाद की कंपनी ने किया फर्जीवाड़ा, एचएएल ने दर्ज कराई एफआईआर
बेंगलुरु। हैदराबाद की कंपनी टेक एयरो डिवाइसेज को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने उसके खिलाफ फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज कराई है। मामला तेजस एमके-1 लड़ाकू विमानों से जुड़ा है। हैदराबाद की कंपनी पर तेजस विमानों के 199 स्पेयर पार्ट्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट सौंपने का आरोप है। एचएएल के क्वॉलिटी कंट्रोल ऑडिट में इसका खुलासा हुआ था। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस को एचएएल एयरक्राफ्ट डिवीजन के डीजीएम रानू गुप्ता ने शिकायत दी है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि तेजस एमके-1 लड़ाकू विमानों से जुड़े अलग-अलग पुर्जों की सप्लाई के लिए हैदराबाद की टेक एयरो डिवाइसेस कंपनी को 28 मार्च 2022 से 18 परचेज ऑर्डर जारी किए गए थे। ऑर्डर की शर्तों के मुताबिक कंपनी ने पुर्जों के सैंपल, टेस्ट रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज जमा किए। जिसके बाद उसने 35 पुर्जे बनाने के लिए एचएएल से मंजूरी के सर्टिफिकेट लिए। जब तेजस एमके-1 विमानों के स्पेयर पार्ट्स की थोक सप्लाई हुई, तो हैदराबाद की टेक एयरो डिवाइसेस को पुर्जों के मूल टेस्ट रिपोर्ट जमा करने थे। कंपनी ने ऐसी 199 रिपोर्ट जमा की। एचएएल के क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कंपनी को कई चीजों के बारे में मूल टेस्ट रिपोर्ट देने के लिए कहा, लेकिन कंपनी ऐसा नहीं कर सकी।
एचएएल की शिकायत में कहा गया है कि कंपनी से लगातार फॉलो अप किया गया। जिसके बाद उसके प्रतिनिधियों ने एचएएल का दौरा किया और 22 नवंबर 2023 को माफीनामा दिया। इस माफीनामे में टेक एयरो डिवाइसेस ने माना कि उन्होंने हैदराबाद की एक्सिस इंस्पेक्शन सॉल्यूशन के नाम से दो गलत रिपोर्ट दी थीं। इसके बाद एचएएल ने कंपनी की ओर से मिली 199 टेस्ट रिपोर्ट की जांच की। एक्सिस इंस्पेक्शन सॉल्यूशंस का ऑडिट भी किया। ऑडिट में पाया गया कि टेक एयरो डिवाइसेस की ओर से दी गई 199 टेस्ट रिपोर्ट में से एक भी एक्सिस ने जारी नहीं की थी। पता चला कि फरवरी से सितंबर 2023 तक कंपनी ने जो 199 टेस्ट रिपोर्ट दी, वो सभी फर्जी थीं। एक्सिस ने एचएएल को बताया कि टेक एयरो डिवाइसेस ने उनकी कंपनी की नकली रिपोर्ट बनाकर जाली दस्तखत भी किए।
